भारत ने आज ही के दिन साल 1983 में इतिहास रच दिया था। कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने 40 साल पहले विश्वकप जीता था। इस मैच को तो हमेशा-हमेशा के लिए याद किया जाता ही है, लेकिन इस मैच को जीताने वाले प्लेयर्स कौन रहे और वह आज क्या कर रहे हैं इस बारे में बेहद ही कम लोग जानते है।
World cup 1983 winning squad: भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास में आज का दिन बहुत महत्व रखता है। आज ही के दिन 40 साल पहले भारत ने दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीता था। लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए फाइनल मुकाबले में अंडरडॉग भारत ने दिग्गज वेस्टइंडीज को 43 रनों से मात दी थी। यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। उस जमाने में वेस्टइंडीज दुनिया की सबसे ताकतवर टीम थी और भारतीय टीम का नाम सबसे कमजोर टीमों में लिया जाता था।
विंडीज ने 1975 और 1979 वर्ल्ड कप अपने नाम कर चुकी थी और तीसरा खिताब भी लगभग उनकी मुट्ठी में था। ऐसे में फाइनल मुकाबले में वेस्टइंडीज को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन कपिल देव, मोहिंदर अमरनाथ, यशपाल शर्मा और रोजर बिन्नी जैसे दिग्गजों ने नमुमकिन को मुमकिन कर दिखाया और इतिहास रच दिया। आइए जानते हैं कि भारत को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले खिलाड़ी अब कहां हैं और क्या कर रहे हैं।
कपिल देव
वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव ने फाइनल मुकाबले में 15 रन बनाए थे। लेकिन नॉकआउट मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने नाबाद 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इसके अलाव विंडीज के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने 11 ओवर में 21 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया था। कपिल ने फ़ाइनल मैच में सर विव रिचर्ड्स का कठिन कैच भी लपका था। जो इस मैच का टर्निंग पॉइंट था। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी कपिल देव क्रिकेट से जुड़े हुए हैं। वह अक्सर टीवी चैनल्स पर एक्पर्ट के रूप में नजर आते हैं।
सुनील गावस्कर
वर्ल्ड कप विजेता टीम के सलामी बल्लेबाज और दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर इन दिनों कमेंट्री में सक्रिय हैं। गावस्कर को मैच में हमेशा कमेंट्री करते हुए देखा जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने मात्र 2 रन बनाए थे। लेकिन गावस्कर का अनुभव टीम के लिए बहुत काम आया था। सीनियर खिलाड़ी होने के नाते उन्होंने कप्तान कपिल देव को बहुत सपोर्ट किया था।
कृष्णामाचारी श्रीकांत
आज टी20 के जमाने में अपने कई विस्फोटक बल्लेबाज देखे होंगे। लेकिन श्रीकांत उस दौरे में भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते थे और किसी की नहीं सुनते थे। 1983 वर्ल्ड कप के दौरान सुनील गावस्कर के साथ सलामी बल्लेबाज के रूप में कृष्णामाचारी श्रीकांत मैदान पर आए थे। फ़ाइनल में उन्होंने 57 बॉल में 38 रन बनाए थे। वह भारतीय टीम की ओर से फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। 1992 में उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। अब वह टीवी चैनलस पर एक्सपर्ट्स एडवाइज देते हुए नजर आते हैं। साथ ही वे भारतीय टीम के चयनकर्ता भी रेह चुके हैं।
रवि शास्त्री
दुनिया में जब भी सबसे बेहतरीन कमेंट्रेटरों का नाम लिया जाएगा रवि शास्त्री का नाम टॉप पर आयेगा। 1983 वर्ल्ड कप में रवि शास्त्री बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में नजर आए थे। उन्होंने 1992 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। वह 2021 तक भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह कमेंट्री कर रहे हैं।
यशपाल शर्मा
1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के एक मात्र सदस्य जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। 13 जुलाई 2021 को सुबह हार्ट अटैक आने की वजह से यशपाल शर्मा का निधन हो गया। यशपाल शर्मा की उम्र 66 वर्ष थी। फाइनल मैच में यशपाल ने मात्र 11 रन बनाए थे। लेकिन वे अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे और उनका बादाम शॉट काफी फेमस था। वर्ल्ड कप में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे। वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेले गए पहले मैच में यशपाल शर्मा ने 89 रनों की शानदार पारी खेली थी, जिसमें टीम इंडिया की जीत हासिल हुई थी। इसके अलावा सेमीफाइनल में भी यशपाल शर्मा ने 61 रनों की पारी खेली थी, तब भारत ने इंग्लैंड को मात दी थी।
संदीप पाटिल
भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज संदीप पाटिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ फाइनल में 27 रनों की पारी खेली थी। उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद केन्या के कोच की भूमिका भी निभाई। वे भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता भी रहे। अब वह कभी-कभी एक्सपर्ट्स के रूप में टीवी पर नजर आते है।|
बलविंदर संधू
1983 में भारतीय टीम के फाइनल मुकाबले में बलविंदर संधू ने कमाल की गेंदबाजी की थी। 9 ओवर में 32 रन देकर उन्होंने दो सफलता हासिल की थी। इसके अलावा उन्होंने 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 11 रन भी बनाए थे। 1984 के बाद उन्होंने कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला और सोशल मीडिया से भी काफी दूर है। एक तरह से वह गुमनामी जिंदगी जी रहे है। पिछले साल बॉलीवुड निर्देशक कबीर खान ने 1983 पर एक फिल्म बनाई थी। उस फिल्म में सभी कलाकारों को बलविंदर संधू ने हिन ट्रेनिंग दी थी।
सैयद किरमानी
वर्ल्ड कप विजेता टीम के विकेटकीपर सैयद किरमानी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 234 स्टंपिंग की हैं। 1983 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में वह सिर्फ 14 रन पर आउट हो गए थे। वर्ल्ड कप के बाद वह क्रिकेट से दूर हो गए थे और अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं। 2016 में उन्हें भारत में क्रिकेट के लिए कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
मदन लाल
'मंदीपा' नाम से मशहूर मदन लाल ने 1983 वर्ल्ड कप में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा विकेट अपने नाम किए थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 8 मुकाबलों में 17 विकेट चटकाए थे। मदनलाल 2009 से कांग्रेस का हिस्सा हैं और राजनीति से जुड़ गए हैं। वे मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के मुख्य चयनकर्ता और कोच भी रह चुके हैं।
रोजर बिन्नी
रोजर बिन्नी ने फाइनल मुकाबले में 10 ओवर में 23 रन देकर 1 विकेट अपने नाम किया था। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह अपना अधिकतर समय परिवार के साथ ही बिताते हैं। बिन्नी को इस साल बीसीसीआई का अध्यक्ष चुना गया हैं। वे बतौर क्रिकेटर अध्यक्ष बनाने वाले दौरे खिलाड़ी हैं।
मोहिंदर अमरनाथ
वर्ल्ड कप विजेता टीम के उपकप्तान मोहिंदर अमरनाथ ने फाइनल मैच में बेहतरीन परफॉर्मेंस किया था। 7 ओवर में 12 रन देकर मोहिंदर ने 3 विकेट चटकाए थे। वह इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उन्हें टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू देते हुए देखा जाता है।
कीर्ति आजाद
वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाड़ी कीर्ति आजाद ने सीरीज में शानदार इकॉनमी से गेंदबाजी की थी। संन्यास के बाद वे राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने बिहार के दरभंगा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। लेकिन 18 फरवरी 2019 को उन्होंने भाजपा छोड़ कांग्रेस ज्वाइन कर ली। राजनीति के अलावा, वह प्रसिद्ध क्रिकेट कमेंटेटर भी हैं। वह हमेशा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में लगे रहते हैं। वह कर्म सामाजिक कल्याण संगठन के संस्थापक सदस्य हैं।