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IND vs SL: हर बार एक ही पैटर्न पर आउट हो रहे यशस्वी जायसवाल, कोलंबो टेस्‍ट से पहले ढूंढ रहे तोड़

Yashasvi Jaiswal weakness: यशस्‍वी जायसवाल गॉल टेस्‍ट की दोनों पारियों में एक पैटर्न से आउट हुए। उन्‍होंने असिथा फर्नांडो की बाहर जाती गेंदों को छेड़ा और विकेट के पीछे डिकवेला को कैच थमा बैठे। इससे पहले भी वह इसी पैटर्न पर आउट हो रहे थे। बता दें कि इसी कमजोरी के चलते विराट कोहली का करियर भी खत्‍म हो गया था। अब कोलंबो टेस्‍ट से पहले वह अपनी इस कमजोरी पर काम करते नजर आए हैं।
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Aug 21, 2026
Yashasvi Jaiswal weakness
नेट्स में अपनी कमजोरी पर काम करते यशस्‍वी जायसवाल। (फोटो सोर्स: cricbuzz)

Yashasvi Jaiswal weakness: यशस्वी जायसवाल कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर नेट्स में पेसर्स के खिलाफ अपनी कमजोरी पर काफी काम किया। दूसरे टेस्ट से दो दिन पहले जायसवाल ने अपनी एक कमी को ठीक करने के लिए नेट्स में 30 मिनट बिताए। जायसवाल अब 30 टेस्ट खेल चुके हैं और हैरानी की बात ये है कि उन्होंने हर टेस्ट अलग-अलग वेन्‍यू पर खेला है। उनके लिए टेस्ट क्रिकेट कैरिबियाई दौरे से शुरू हुआ। इसके बाद साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, घर वापसी, फिर इंग्लैंड और अब श्रीलंका में खेल रहे हैं। तीन साल के इस सफर में वह भारत के सलामी बल्‍लेबाज के तौर पर स्थापित हो चुके हैं।

बार-बार एक ही पैटर्न पर आउट हो रही जायसवाल

गॉल में उनके आउट होने से एक चिंताजनक पैटर्न दिखा। वह असिथा फर्नांडो की लेंथ बॉल का पीछा करते हुए निरोशन डिकवेला के हाथों में कैच थमाते रहे। पिछले अक्टूबर में भारतीय होम सीजन शुरू होने के बाद से 27 गेंदों में यह चौथी बार था, जब जायसवाल पेसरों के खिलाफ कट शॉट खेलने की कोशिश में आउट हुए। इससे पहले दो साल में जुलाई 2023 में टेस्ट डेब्यू से लेकर पिछले साल इंग्लैंड दौरे तक, वह 190 गेंदों पर चार बार उसी शॉट से आउट हुए थे।

गेंदबाजों ने ऑफ स्‍टंप के बाहर की गेंदबाजी

कोलंबो टेस्‍ट से पहले शुक्रवार को भारत के सभी पेसर और फास्ट बॉलिंग कोच ने शॉट खेलने या उससे दूर रहने के उनके इरादे को परखा। औकिब नबी ने सबसे पहले बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को गेंदबाजी की। उन्‍होंने ऑफ-स्टंप के बाहर चैनल में गेंदबाजी की, ताकि वह कट करें। जायसवाल ने उन गेंदों को देखा, झुके और जाने दिया। गुरनूर बरार ने भी वही लाइन फेंकी, लेकिन लेंथ बढ़ा दी और जायसवाल कवर ड्राइव के लिए गए और चूक गए।

नेट्स में बल्‍लेबाजी के दौरान हेड कोच से भी की बातचीत

यह पहली और आखिरी बार था, जब उन्होंने उस जगह पर किसी गेंद का पीछा किया। देवदत्त पडिक्कल के साथ 10 बॉल खेलने के बीच उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर से बात की। जब वह वापस आए, तो प्रसिद्ध कृष्णा ने ऑफ-स्टंप के बाहर बॉल फेंकी। एक बार फिर जायसवाल ने इन्‍हें खेलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नबी और गुरनूर ने भी राउंड द स्टंप से कोशिश की और जायसवाल ने उन्‍हें विकेट के पीछे जाने दिया। मोर्ने मोर्कल भी बीच में आए, लेकिन उन्‍होंने दृढ़ता का परिचय दिया।

फिर स्पिन गेंदबाजों का किया सामना

वह आधे घंटे तेज गेंदबाजों का सामना करने के बाद सीधे आइस बॉक्स की तरफ गए और पानी पीने के पांच मिनट बाद दूसरे नेट पर स्पिनरों का सामना करने पहुंच गए। यह एक ऐसी सुबह रही, जब जायसवाल ने दिखाया कि वह अपनी कमजोरी को दूर करने के लिए दृढ़ हैं, लेकिन नेट्स में ऐसा करना मैच की स्थिति की तुलना में बहुत आसान होता है। अब ये देखना दिलचस्‍प होगा कि कोलंबो टेस्‍ट में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है?