
नई दिल्ली। भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को यहां जारी यूथ ओलम्पिक 2018 में रजत पदक हासिल हुआ है। रजत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन शुक्रवार देर रात हुए खिताबी मुकाबले में वह चीन के ली शिफेंग के मात खा गए। चीनी खिलाड़ी ने भारतीय खिलाड़ी को सीधे गेमों में 21-15, 21-19 से मात दी। लक्ष्य इस टूर्नामेंट में आठ साल बाद पदक जीतकर आ रहे हैं। उनसे पहले एच.एस. प्रणॉय ने यूथ ओलम्पिक में सिंगापुर में पदक जीता था।
स्वर्ण से चूके लक्ष्य-
यह मैच 42 मिनट तक चला। पहले गेम में चीनी खिलाड़ी ने आसानी से लक्ष्य को हरा दिया लेकिन दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अच्छी प्रतिस्पर्धा दिखाई लेकिन अंत में वह जरूरी दो अंकों की बढ़त बना नहीं पाए और स्वर्ण से चूक गए।
लक्ष्य ने प्रतिद्वंद्वी को सराहा-
लक्ष्य ने मैच के बाद अपने चीनी प्रतिद्वंद्वी के बारे में कहा, "वह शानदार खेल खेले और अहम अंक जीत ले गए। मैं अपने आप को ज्यादा आगे नहीं ले जा पाया हालांकि मैंने कोशिश काफी की, लेकिन मैं पदक जीतने वाला दूसरा भारतीय बनकर खुश हूं।"
BFI अध्यक्ष ने सराहा-
लक्ष्य की जीत पर भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) के अध्यक्ष हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "लक्ष्य विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं। मैं उन्हें यूथ ओलम्पिक में पदक जीतने पर बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने सेमीफाइनल में जिस तरह का खेल खेला उससे मैं काफी खुश हूं और इसलिए कह सकता हूं कि विश्व बैडमिटन में छाने वाले हैं।"