Yuvraj Singh ने इस घटना के 13 साल बाद यह खुलासा किया है कि वह 15 दिन तक परेशान रहे थे, जब Dimitri Mascarenhas ने एक ओवर की पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़ दिए थे।
नई दिल्ली : साल 2007 युवराज सिंह (YuvrajSingh) के लिए तीन कारणों से यादगार है। पहला इसी साल टी-20 विश्व कप (T20 World Cup) में उन्होंने इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad) के एक ओवर में छह छक्के जड़े थे। दूसरा इस टी-20 विश्व कप के पहले संस्करण को जीतकर भारत टी-20 क्रिकेट का पहला विजेता बना (India Become First T20 World Champion) था। टीम इंडिया को चैम्पियन बनाने में युवराज सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी। वहीं यह साल युवराज के लिए परेशान करने वाला भी रहा। टी-20 विश्व कप से कुछ दिन पहले अंग्रेज बल्लेबाज दिमित्री मैस्करनहॉस (Dimitri Mascarenhas) ने केनिंगटन ओवल में युवराज के एक ओवर की पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़े थे। इन छक्कों के बाद युवराज सिंह सदमे में चले गए थे। वह करीब 15 दिनों तक इस कारण से परेशान रहे। इसका खुलासा युवराज सिंह ने अब किया है।
युवराज बोले, खुशकिस्मत रहा कि छह छक्के नहीं पड़े
युवराज ने बताया कि वह ओवल में मैच खेल रहे थे। इस मैच में टीम इंडिया के कप्तान राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) थे। युवराज ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि द्रविड़ ने क्या सोचकर आखिरी ओवर दिया था। युवराज ने कहा कि वह खुशकिस्मत रहे कि उन्हें छह छक्के नहीं पड़े, लेकिन इसके बाद वह 15 दिनों तक सो नहीं सके। उनके आंखों की नींद उड़ गई थी।
करीबियों की प्रतिक्रिया से चकित था
युवराज ने कहा कि इस ओवर बाद वह अपने करीबियों से मिली मिली प्रतिक्रिया से भी हैरान थे। इस ओवर के बाद मित्रों से मिले मैसेज वास्तव में हताश करने वाले थे। युवी ने कहा कि शतक बनाने पर भी उन्हें कभी इतने मैसेज नहीं मिले। युवराज ने बताया कि उन्होंने ओवर की शुरुआत डॉट बॉल से की थी। लेकिन एक बार जब मैस्करनहॉस शुरू हुए, तो फिर वह रुके नहीं। मैस्करनहॉस की इस छोटी मगर विस्फोटक पारी की बदौलत इंग्लैंड तीन सौ पार पहुंचने में कामयाब रहा। हालांकि इसके बावजूद यह मैच टीम इंडिया ने दो विकेट से जीत लिया था। सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने 94 रन की बेहतरीन पारी खेली थी।
विश्व कप में छह छक्के मारने के बाद मिला इत्मीनान
युवराज ने कहा कि विश्व कप में इंग्लैंड की टीम में दिमित्री भी थे। जिस वक्त उन्होंने छह छक्के लगाए, तब उन्होंने ब्रॉड की ओर नहीं, बल्कि मैस्करनहॉस की तरफ देखते हुए कहा कि अब हिसाब हो गया बराबर! युवराज ने कहा कि वह बहुत ही संतुष्ट थे, क्योंकि उन्होंने यह कारनामा उसी टीम के खिलाफ किया था, जिसके खिलाफ उन्होंने पांच छक्के खाए थे।