युजवेंद्र चहल ने भावुक होते हुए कहा, 'मैं चार-पांच महीने तक डिप्रेशन में रहा। मुझे एंग्जायटी अटैक आते थे और ये बात सिर्फ मेरे करीबी लोग ही जानते हैं। मैंने सहानुभूति के लिए कभी किसी से यह बात साझा नहीं की। मेरे मन में आत्महत्या के विचार आते थे, अपनी जिंदगी से थक चुका था।"
Yuzvendra Chahal on divorce with Dhanashree Verma: भारत क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा ने इस साल मार्च में अचानक तलाक की घोषणा कर सब को चौंका दिया था। दोनों का तलाक किस वजह से हुआ इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन दोनों में से किसी ने भी मीडिया को कुछ नहीं बताया। करीब पांच महीने के बाद अब पहली बार चहल ने इसपर खुलकर बात की है और राज शमानी के पॉडकास्ट में कई खुलासे किए हैं। युजवेंद्र चहल ने कहा कि जब इस साल की शुरुआत में उनपर धोखाधड़ी के आरोप लगे थे और तलाक की अफवाहें तेज हो गई थीं, तो वो मानसिक तनाव से गुजरे।
चहल ने कहा, "यह काफी समय से चल रहा था। हमने तय किया कि हम लोगों को नहीं दिखाएंगे, जब तक उस स्थिति में नहीं पहुंचेंगे जहां से वापसी संभव न हो, हम कुछ नहीं कहेंगे। हम सोशल मीडिया पर एक सामान्य कपल की तरह ही रहेंगे।' जब उनसे पूछा गया कि क्या आप फेक कर रहे थे? इसपर चहल ने कहा, "हां, रिश्ता एक समझौते की तरह होता है। अगर एक नाराज होता है, तो दूसरे को सुनना पड़ता है। कभी-कभी दो लोगों का नेचर आपस में मेल नहीं खाता। मैं इंडिया के लिए खेल रहा था, वह भी अपना काम कर रही थी। मिलना कम हो गया था, समय बहुत बड़ा इशू था। यह 1-2 साल से चल रहा था।"
युजवेंद्र चहल ने कहा, 'बहुत कुछ एक साथ चल रहा था। मैं इधर भी टाइम दे रहा था, उधर भी, पर रिश्ते के बारे में सोचने का वक्त ही नहीं बचा और फिर हर दिन लगता था कि छोड़ो, रहने देते हैं। हर किसी की अपनी ज़िंदगी होती है और अपने लक्ष्य होते हैं। एक पार्टनर के तौर पर आपको साथ देना होता है।"
युजवेंद्र चहल ने आगे कहा, 'तलाक के बाद, मुझे धोखेबाज कहा गया, जबकि मैंने जिंदगी में कभी धोखा नहीं दिया। मैं बेहद वफादार इंसान हूं। आपको मेरे जैसा वफादार इंसान कहीं नहीं मिलेगा। मुझे अपने लोगों की बहुत परवाह है।' चहल ने आगे कहा, 'मुझे सबसे ज्यादा दुख इस बात का होता है कि लोग पूरी कहानी जाने बिना ही निष्कर्ष पर पहुंच जाते हैं। मुझे यही बात परेशान करती है कि आप लोगों को पता भी नहीं है कि क्या हुआ है और फिर भी आप मुझे दोष दे रहे हैं।'
भारतीय क्रिकेटर ने कहा, "मेरी दो बहनें हैं, और मैंने महिलाओं का सम्मान करना अपने माता-पिता से सीखा है। यह जरूरी नहीं है कि अगर मेरा नाम किसी के साथ जोड़ा जा रहा है, तो लोग व्यूज के लिए उसके बारे में कुछ भी लिखें।"
युजवेंद्र चहल ने भावुक होते हुए कहा, 'मैं चार-पांच महीने तक डिप्रेशन में रहा। मुझे एंग्जायटी अटैक आते थे और ये बात सिर्फ मेरे करीबी लोग ही जानते हैं। मैंने सहानुभूति के लिए कभी किसी से यह बात साझा नहीं की। मेरे मन में आत्महत्या के विचार आते थे, अपनी जिंदगी से थक चुका था। मैं 2 घंटे रोता था, बस 2 घंटे सोता था। ऐसा 40-45 दिनों तक चला। मैं क्रिकेट से ब्रेक चाहता था। मैं क्रिकेट में इतना व्यस्त था कि ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा था। मैंने अपने दोस्त के साथ इन चीजों को शेयर किया।'