Zafar Gohar leaves Pakistan: PCB के बुरे बर्ताव से दुखी होकर क्रिकेटर जफर गोहर पाकिस्तान छोड़कर इंग्लैंड चले गए हैं। एक ODI और एक टेस्ट मैच खेलने के बाद उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया गया। एक सेलेक्टर ने उससे कहा कि पीसीबी को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि उसने काउंटी क्रिकेट में क्या किया है?
Zafar Gohar leaves Pakistan: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के बुरे बर्ताव से निराश होकर, देश के एक क्रिकेटर ने देश छोड़कर किसी दूसरे देश का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया है। इस खिलाड़ी का नाम है जफर गोहर है। इस 31 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर ने 2015 में इंग्लैंड के खिलाफ एक वनडे और फिर 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। महज 19 साल की उम्र में अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले इस हरफनमौला खिलाड़ी ने पीसीबी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
छह साल बाद 2021 में उसे क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच के लिए वापस बुलाया गया। जिस एकमात्र पारी में उसने गेंदबाज़ी की, उसमें उसे कोई विकेट नहीं मिला और उसने 150 से ज्यादा रन दे दिए। जिस मैच में उसकी टीम एक पारी से हार गई थी, हालांकि उसमें उसने बल्लेबाजी अच्छी की और 34 और 37 रन बनाए, लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी बस इतना ही हुआ।
गोहर ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा कि मुझे याद है, टेस्ट मैच से पहले मिस्बाह-उल-हक़ मेरे पास आए थे और कहा था कि हमारे पास पर्याप्त सीम ऑलराउंडर नहीं हैं, इसलिए तुम नंबर 8 पर बल्लेबाजी करोगे और अगर जरूरत पड़ी, तो तुम कुछ ओवर गेंदबाजी भी करोगे। मुझे वह टेस्ट मैच खेलना याद है। मैंने दोनों पारियों में रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद कभी कोई बातचीत नहीं हुई।
गोहर इस समय इंग्लिश काउंटी मिडलसेक्स का प्रतिनिधित्व करता है और अब उसके पास ब्रिटिश नागरिकता भी है। गोहर ने पीसीबी की जमकर आलोचना की। पाकिस्तानी बोर्ड को अक्सर अपने खिलाड़ियों से ऐसी आलोचना झेलनी पड़ती है। गोहर ने कहा कि पाकिस्तान में मुझे वो मौके नहीं मिले, जिनका मैं हकदार था। मैंने ग्लॉस्टरशायर के लिए 2022 में लगभग 50 विकेट लिए और बल्ले से भी लगभग 500 रन बनाए।
वहीं, जब मैं पाकिस्तान वापस गया, तो मुझे तीन मैचों में दो बार 5-विकेट हॉल मिले। उसके बावजूद एक सेलेक्टर ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप काउंटी क्रिकेट में क्या करते हैं? हम उन परफॉर्मेंस को ज्यादा तवज्जो नहीं देते। तभी मुझे एहसास हुआ कि इसका कोई मतलब नहीं है। मैंने कुछ और आजमाने का फैसला किया। जहां मैं कम से कम अपना मौका पाने के लिए अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश कर सकूं।
पिछले सीजन में वह ग्लॉस्टरशायर से मिडिलसेक्स में शामिल हो गए और तब से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी बैटिंग में काफी सुधार आया है। इस महीने की शुरुआत में काउंटी क्रिकेट में अपनी पिछली पारी में उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर के खिलाफ 84 रनों की एक अहम पारी खेली। अब यह बात सबको पता है कि पिछले कुछ सालों में इंग्लिश सेलेक्टर ने बॉलिंग ऑलराउंडरों को ज्यादा तरजीह दी है। गोहर इस बात से वाकिफ थे और उन्होंने कहा कि अगर कभी मौका मिला तो मैं तैयार रहूंगा।