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कठुआ गैंगरेप केस: पीड़िता के चौथे पर लगे थे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे’

कठुआ के रसाना गांव में रहने वाली 8 साल की बच्ची के साथ 1 हफ्ते तक लगातार रेप किया गया था। बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई थी।
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Updated: 14 Apr 2018, 2:52 PM IST
Kathua Gang rape
Kathua Gang rape

श्रीनगर। पूरे देश में इस समय रेप की 2 घटनाओं को लेकर लोगों के अंदर बेहद गुस्सा है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ में और यूपी के उन्नाव में हुई गैंगरेप की वारदातों ने राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। कठुआ गैंगरेप कांड को लेकर अभी तक हिंदू-मुसलमान की सियासत हो रही थी, लेकिन अब भारत-पाकिस्तान का मुद्दा भी गर्मा गया है।

पीड़िता के चौथे पर लगे थे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे
दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, कठुआ के रसाना गांव में जिस दिन 8 साल की पीड़िता का चौथा किया जा रहा था तो उस दिन गांव के सैंकड़ों मुसलमान वहां पहुंचे थे। गांव के ही लोगों का कहना है कि पीड़िता के चौथे वाले दिन 'पाकिस्तान जिंदाबाद' और 'भारत मुर्दाबाद' की नारेबाजी की गई थी। बताया जाता है कि इस गांव में आए दिन दो पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ रहते थे। पीड़िता के साथ हुई गैंगरेपी का घटना के बाद एक बार फिर दो समुदाय आमने-सामने आ गए हैं।

आरोपियों के बचाव में हो रहे प्रदर्शनों में दिखा तिरंगा
वहीं दूसरी तरफ पीड़िता के साथ गैंगरेप करने वाले आरोपियों के समर्थन में भी कश्मीर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हिंदू बहुल इस क्षेत्र में इस मामले के बाद हिंदू एकता मंच नाम का पुराना संगठन फिर से सक्रिय हो उठा है और उसके बैनर तले कई विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि इन प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोग तो हाथों में तिरंगा थामे हुए नजर आए। इस घटना के बाद से लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर बलात्कार के आरोपियों के समर्थन में हो रहे कार्यक्रम में भारत के झंडे का इस्तेमाल क्यों किया गया ?

जमीनी विवाद के वजह से दो समुदायों में रहता था विवाद
कठुआ के रसाना गांव की कुल आबादी 500 लोगों की बताई जाती है। इनमें से अधिकतर लोग बक्करवाला समुदाय से आते हैं। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्ची के साथ जो हुआ उसके पीछे विवाद की जड़ जमीन है। इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों में इस कदर नाराजगी के है कि वो देशविरोधी नारेबाजी तक पर उतारू हो गए हैं। बक्करवाला समुदाय के लोगों पर अक्सर अलगाववादियों का साथ देने का भी आरोप लगता रहा है।

क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि ये घटना जम्मू-कश्मीर के कठुआ की है, जहां 8 साल की बच्ची को 10 जनवरी 2018 को अगवा कर लिया गया था। उसके बाद 17 जनवरी को पीड़ता की लाश उसके परिजनों को मिली थी। मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 8 पुलिसवालों समेत जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व राजस्व अधिकारी को आरोपी ठहराया गया है। हाल ही में इस घटना को लेकर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें इन लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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