वाहनों की लंबी कतार नहीं लगेगी, अभी सिंगल लेन होने के चलते लगता है ट्रैफिक जाम बेसमेंट एरिया खोलकर कम लागत में तैयार किया जा सकेगा डिपार्चर रूट
भोपाल. राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जल्द ही मुंबई दिल्ली की तर्ज पर डेडीकेटेड अराइवल एवं डिपार्चर कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाएगा। मौजूदा एंट्री और एग्जिट ब्रिज पर फिलहाल आने एवं जाने वाले हवाई यात्रियों के वाहनों को एक साथ एंट्री दी जा रही है। इससे कई बार यहां ट्रैफिक जाम के हालात बन जाते हैं। भोपाल एयरपोर्ट के मुख्य द्वार से आने एवं जाने के लिए दो अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं, लेकिन इंटरनेशनल गाइडलाइन के मुताबिक अराइवल और डिपार्चर के लिए डेडीकेटेड रूट होने चाहिए। भोपाल एयरपोर्ट पर इसके लिए मौजूदा ब्रिज के नीचे बने बेसमेंट एरिया का इस्तेमाल कर गया जा रहा है। रिनोवेशन की लागत लगभग 50 लाख आंकी गई है।
विमान एवं यात्रियों की संख्या दोगुनी
भोपाल एयरपोर्ट पर अब विमान एवं यात्रियों की आवाजाही की संख्या दोगुनी हो चुकी है। महीने में लगभग सवा लाख यात्री भोपाल से अनेक शहरों के लिए आना-जाना कर रहे हैं जबकि 1000 से ज्यादा अभियानों का संचालन एयरपोर्ट से किया जा रहा है। इस स्थिति में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डेडीकेटेड अराइवल डिपार्चर व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
जल्द तैयार होगा एमआरओ हैंगर
एयरपोर्ट पर साल अंत तक दो एमआरओ हैंगर (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरआल) तैयार होने की संभावना है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। हेंगर का निर्माण एयरोटेक्निक नामक कंपनी कर रही है। अथाॅरिटी ने कंपनी के साथ अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। कंपनी इस क्षेत्र में दो हैंगर बनाएगी। एक हिस्से में एयर बस एवं बड़े बोइंग विमानों के लिए तथा दूसरे हिस्से में छोटे एटीआर विमानों के लिए हैंगर बनाया जाएगा। एक साथ दो विमानों की मरम्मत की जा सकेगी।
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एयरपोर्ट पर डेडीकेटेड अराइवल-डिर्पाचर कॉरीडोर बनाए जा रहे हैं। इससे बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन हो सकेगा।
रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर