
गुवाहटी। पॉक्सो एक्ट में केंद्र सरकार के द्वारा किए गए अहम बदलाव के बाद गैंगरेप के एक मामले में तेजी से नतीजा आया है। मार्च 2018 के नागौन गैंगरेप और हत्या के मामले में जिला सत्र न्यायालय ने तेजी से फैसला सुनाते 19 साल के आरोपी जाकिर हुसैन को उम्रकैद और फांसी की सजा सुनाई है। प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेंस (POCSO) एक्ट में बदलाव का ही ये नतीजा है कि अदालत ने तेजी से कार्रवाई की और इस मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में अन्य पांच आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
गैंगरेप और हत्या के मामले में 19 साल के आरोपी को फांसी
जिला सत्र न्यायालय के जज रीता कर ने 19 साल के जाकिर हुसैन को पॉक्सो एक्ट के तहत फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी पीड़िता का ही पड़ोसी था। आपको बता दें कि 23 मार्च 2018 को 11 साल की बच्ची के साथ पांच लड़कों ने गैंगरेप किया था। इसके बाद नाबालिग को जिंदा जलाकर उसकी हत्या कर दी थी।
4 सितंबर को सुरक्षित रख लिया था फैसला
इससे पहले 4 सितंबर को कोर्ट ने जाकिर को हत्या और गैंगरेप को दोषी करार रखते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जांच टीम के हिस्सा रहे नागौन के एसपी रिपुल दास ने बताया कि इसके अलावा इस केस में दो नाबालिगों को भी दोषी पाया गया था। उन दोनों को इसी हफ्ते तीन साल के लिए सुधार गृह भेज दिया गया था।
अदालत के फैसले पर पीड़िता के माता-पिता का रिएक्शन
अदालत के इस फैसले पर पीड़िता के माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है। वो पिछले पांच महीने से इंसाफ का इंतजार कर रहे थे। अदालत के फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए पीड़िता के पिता ने कहा, 'पिछले पांच महीने और 16 दिन से हमने कुछ भी नहीं सुना था, लेकिन हमें पूरी उम्मीद थी कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाएगी।' वहीं इस घटना के बाद से पीड़िता की मां की तबियत खराब बनी हुई थी, इस खबर के बाद उनकी हालत में सुधार देखने को मिला है।
क्या है मामला
आपको बता दें कि बीते 23 मार्च को असम के नागौन के धनियाभेटी लालुंग गांव में पांचवी क्लास में पढ़ने वाली 11 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया था। बच्ची के साथ बलात्कार करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका पड़ोसी जाकिर हुसैन ही था। उसने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर बच्ची के साथ रेप किया था और उसके बाद बच्ची को जिंदा जला दिया था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत सभी पांचों को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़िता को गुवाहटी के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, लेकिन कुछ दिनों के बाद बच्ची की मौत हो गई थी।