पप्पू यादव पर ये हमला उस समय हुआ, जब वो किसी रैली में भाग लेने मुजफ्पुरपुर के रास्ते से जा रहे थे।
मुजफ्फरपुर। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में आज संवर्ण समाज के द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया है। बंद के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में हिंसा की खबरें हैं। बिहार के कई जिलों से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा की खबरें सामने आई हैं। इस बीच बिहार से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, बिहार की राजनीतिक के बड़े चेहरों में से एक पप्पू यादव पर बंद के दौरान जानलेवा हमला किया गया है और इस हमले का आरोप बंद के समर्थकों पर लगा है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस हमले में मुजफ्फरपुर रेप कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के गुंडों का हाथ भी बताया जा रहा है।
सीआरपीएफ के जवानों की बहादुरी से बचे पप्पू यादव!
बिहार के मधेपुरा से सांसद और जन अधिकार पार्टी (लोकतंत्र) के संरक्षक राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर ये हमला मुजफ्फरपुर में हुआ है। बताया जा रहा है कि पप्पू यादव इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव की गाड़ी को हमलावरों ने निशाना बनाया है। हालांकि उनकी गाड़ी को इस हमले में ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। मीडिया से उन्होंने कहा कि हमलावर उन्हें जान से मारने के इरादे से आए थे, लेकिन सीआरपीएफ के जवानों की बहादुरी की वजह से वो सुरक्षित हैं। पप्पू यादव इस हमले में बुरी तरह से घायल हो गए हैं।
मधुबनी जाने के दौरान पप्पू यादव पर हुआ हमला
पप्पू यादव पर ये हमला उस समय हुआ, जब वो किसी रैली में भाग लेने मुजफ्पुरपुर के रास्ते से जा रहे थे। इस दौरान मुजफ्फरपुर के खबड़ा में हमलावरों ने उनके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। हमले के तुरंत बाद पप्पू यादव के ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट किया गया। इस ट्वीट में कहा गया कि, “बिहार में महाजंगलराज का 'नंगा' नाच हो रहा है। नारी बचाओ पदयात्रा में मधुबनी जाने के दौरान हमारे काफिले पर भारत बंद के नाम पर गुंडों ने हमला किया। कार्यकर्ताओं को बुरी तरह जाति पूछ-पूछकर पीटा है। आखिर बिहार में कोई शासन-प्रशासन है, या, नहीं! मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आप किस कुम्भकर्णी नींद में सोये हैं।” अपने हमले की बात को बताते हुए पप्पू यादव की आंखो में आंसू भी आ गए।
केंद्र और राज्य पर सरकार पर साधा है निशाना
इस ट्वीट में पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा है, “राज्य और केंद्र की सरकारें देश को जातीय-साम्प्रदायिक हिंसा की आग में झोंक देना चाहते हैं। वाई सिक्युरिटी सुरक्षा प्राप्त सांसद पर कट्टा लहराकर हमला हो सकता है तो आम लोगों की क्या दशा होगी? मैं नारी बचाओ पदयात्रा पर था तो दरिंदा ब्रजेश के संरक्षकों ने हमला करवाया है।”