
नई दिल्ली। बिहार के कटिहार से बड़ी खबर सामने आई है। यहां उस समय विवाद खड़ा हो गया जब एक प्राइमरी स्कूल टीचर ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। जब अफजल हुसैन नाम के इस टीचर से वंदे मातरम गाने को कहा गया तो उसने साफ इनकार कर दिया। अफजल ने कहा कि वह केवल अपने अल्लाह की इबादत करते हैं, न कि किसी और की। टीचर के यह बोलते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी की घटना
दरअसल, यह घटना गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी की बताई जा रही है। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब राष्ट्रगीत वंदे मातरम का आयोजन किया गया तो टीचर अफजल हुसैन ने यह गाने से साफ इनकार कर दिया। यह देखकर स्कूल में मौजूद सभी टीचर और अतिथि हैरत में पड़ गए। उन्होंने अफजाल से खड़े होकर वंदे मातरम में शरीक होने को कहा, लेकिन उसने यह कहते ही इनकार कर दिया कि "हम अल्लाह की इबादत करते हैं और वंदे मातरम का अर्थ है भारत की 'वंदना' (पूजा) जो हमारे विश्वास के खिलाफ है। यही नहीं, अफजाल ने यह भी कहा कि संविधान में भी कहीं इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि वंदे मातरम गाना या उसमे शरीक होना जरूरी है।
समुदाय विशेष से जुड़े लोग भी सामने आ गए
देखते ही देखते ही यह मामला पूरे इलाके में फैल गई। मुस्लिम टीचर पर वंदे मातरम के शरीक होने को लेकर बनाए गए दबाव की खबर सुनकर समुदाय विशेष से जुड़े लोग भी सामने आ गए। उन्होंने उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ जबरन दबाव बनाने आरोप लगाया।