छह ताबूतों के भीतर छिपाई गई थी 4,400 लीटर शराब। पंजाब नंबर वाले ट्रक में 20 लाख रुपये कीमत की शराब। लगातार अवैध सप्लाई के तरीके बदल रहे हैं शराब तस्कर।
पटना। बिहार में शराबबंदी के बाद से वहां अवैध रूप से इसकी सप्लाई करने वाले नए-नए तरीके एख्तियार करने में जुटे हुए हैं और पुलिस के हत्थे चढ़ते रहते हैं। हालांकि, अब पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो शराब की स्मगलिंग के लिए ऐसा तरीका अपनाता था, जिसपर कोई चाहकर भी यकीन न कर पाए। यह गैंग शराब की स्मगलिंग के लिए ताबूत का इस्तेमाल करता था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सारण पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया। इस गैंग ने छह ताबूतों में काले कपड़े से ढककर शराब छिपाई हुई थी। यह सप्लाई पंजाब की रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट वाले ट्रक के जरिये की जा रही थी।
बृहस्पतिवार की रात रावेलगंज थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने उत्तर प्रदेश से बिहार की सीमा में घुसे एक ट्रक का पीछा किया। पंजाब की नंबर प्लेट वाला यह ट्रक माझा चेकपोस्ट पार करके जा रहा था।
ट्रक रुकवाने के बाद उसके चालक पटियाला, पंजाब निवासी नरेश कुमार से पूछताछ में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने बताया कि ट्रक के भीतर कुछ नहीं है बस केवल लकड़ी के बक्से हैं।
इसके बाद पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली और पीछे रखे ताबूतों को खोला, तो उनके भीतर से 4,400 लीटर विदेशी शराब (भारत निर्मित) से भरे 502 डिब्बे बरामद किए गए। इसकी कीमत 20 लाख रुपये बताई जा रही है। कड़ाई से पूछताछ में पता चला कि इसे छपरा और पटना में सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में सारण के एसपी हर किशोर राय ने कहा कि शराब की स्मगलिंग के इन अनोखे तरीके को देखकर यहां पर मौजूद हर कोई दंग रह गया। इससे पता चलता है कि स्मगलर कितने इन्नोवेटिव हो सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि तस्करों ने शराब की इस खेप को इस तरह से छिपाया था कि इसको ढूंढ पाना बहुत मुश्किल था। हालांकि हमारे पास पंजाब से आ रहे एक ट्रक में शराब की खेप होने की पुख्ता सूचना थी।
इससे कुछ दिन पहले ही सारण में दो ट्रकों को सीज किया गया, जिनमें 2,000 लीटर भारत निर्मित विदेशी शराब अवैध रूप से बिहार में पहुंचाई जा रही थी।
गौरतलब है कि 4 अप्रैल 2016 को बिहार में शराबबंदी की गई थी। इसके बाद प्रदेश भर में करीब 1.67 लाख लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 52 लाख लीटर शराब जब्त की गई है।