भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को मुंबई में जन आशीर्वाद यात्रा निकालना भारी पड़ गया है। इस मामले में बीजेपी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
नई दिल्ली। मुंबई में भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) की जन आर्शीवाद यात्रा ( BJP Jan Ashirwad Yatra ) को लेकर उद्धव सरकार सख्त नजर आई। यात्रा के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल ( Covid-19 Protocol ) के उल्लंघन के आरोप में मुंबई के विले पार्ले, खेरवादी, माहिम, शिवाजी पार्क, दादर, चेंबूर और गोवांडी पुलिस थाने में कार्यकर्ताओं के खिलाफ सात एफआईआर ( FIR ) दर्ज की गई हैं। इस मामले में पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोरोना प्रोटोकॉल का किया था उल्लंघन
भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान बीजेपी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे। इस यात्रा में कई लोगों ने मास्क नहीं लगा रखा था। जबकि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ऐसा करना जरूरी है। इसके साथ ही यात्रा में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया गया था। इसी के चलते मुंबई पुलिस ( Mumbai Police ) ने बीजेपी कार्यकर्ताओं ( BJP Workers ) के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं।
यात्रा निकालने के लिए नहीं मांगी थी इजाजत
मुंबई के कोपरी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आयोजकों ने जन आशीर्वाद यात्रा के लिए पुलिस की अनुमति भी नहीं ली थी। पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा-188, 269, 270 आदि के तहत मुकदमा दर्ज किया है। केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल के समर्थन में मुंबई में जन आशीर्वाद यात्रा का आयोजन किया गया था। 16 अगस्त को निकाली गई यात्रा के दौरान कई सौ बीजेपी कार्यकर्ता शामिल हुए थे। यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री पाटिल का शहर के विभिन्न इलाकों में स्वागत किया था।
बता दें कि जुलाई महीने में मोदी सरकार में शामिल किए गए मंत्रियों को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्वतंत्रता दिवस के बाद जनता से जुड़ने का निर्देश दिया था। पार्टी के नेताओं को जनता के साथ प्रत्यक्ष जनसंपर्क करने के लिए कहा गया था। इस सिलसिले में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंत्रियों को लेटर लिखकर जन आशीर्वाद यात्रा निकालने के लिए कहा था। इस यात्रा के तहत मंत्रियों को कम से कम तीन से चार लोकसभा क्षेत्र कवर करने को कहा गया है।