क्राइम

मैक्स अस्पताल केस: बच्चों को मृत घोषित करने वाले दोनों डॉक्टरों को किया गया बर्खास्त

बढ़ते दबाव के चलते रविवार शाम को अस्पताल प्रशासन ने लिया बर्खास्तगी का फैसला।
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Updated: 4 Dec 2017, 1:54 PM IST
Max hospital Shalimar Bagh 2
Max hospital Shalimar Bagh 2

नई दिल्ली: दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों के द्वारा जिंदा बच्चे को मृत घोषित करने के मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। अस्पताल प्रशासन ने इस केस को हैंडल करने वाले 2 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है। जिन 2 डॉक्टरों पर गाज गिरी है उनके नाम डॉक्टर एपी मेहता और डॉक्टर विशाल गुप्ता है।

IMA कर रही है मामले की जांच
आपको बता दें कि अस्पताल प्रशासन पर लगातार कार्रवाई का दबाव था, जिसके चलते रविवार की शाम को ये फैसला लिया गया। फिलाहल इस मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की जांच भी जारी है और ये कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच में अन्य लोगों के दोषी पाए जाने पर और भी ऐसी कार्रवाई होगी।

आंतरिक चर्चा के बाद लिया फैसला- अस्पताल
अस्पताल प्रशासन ने अपने एक बयान में बताया कि जुड़वां बच्चों के इस केस को हैंडल करने वाले डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह एक्शन हमने अपने एक्सपर्ट ग्रुप के साथ की गई आंतरिक चर्चा के बाद लिया है।

अस्पताल ने मांगे थे 50 लाख रुपए
आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को बच्चे के पिता आशीष ने एफआईआर में चौंकाने वाला खुलासा किया था। आशीष ने एफआईआर में कहा था कि जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। इसलिए नवजात बच्चों को नर्सरी में रखा जाना था। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने हमसे 50 लाख रुपए की डिमांड की थी।

क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि ये मामला बीते 30 नवंबर का है, जब मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने जुड़वा बच्चों को डिलिवरी के बाद बाद मृत घोषित कर दिया था। हालांकि इनमें से एक बच्ची की तो तभी मौत हो गई थी, लेकिन दूसरे जीवित बच्चे को डॉक्टर्स ने मृत बातकर उनके घरवालों को दे दिया था, लेकिन जब परिजन बच्चों की डेड बॉडी लेकर लौट रहे थे तो उन्हें एक पार्सल में हलचल महसूस हुई। इसके बाद जब पार्सल फाड़ा तो अंदर बच्चा जीवित मिला। वे तुरंत उसे लेकर एक नजदीकी अस्पताल गए, जहां दूसरा बच्चा जीवित है और उसका इलाज चल रहा है।

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