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नागपुर में मां-बेटी के आत्महत्या मामले में नया खुलासा, प्रॉपर्टी के लिए दामाद कर रहा था टॉर्चर

Nagpur mother daughter suicide case: नागपुर शहर में 1 मई की सुबह एक महिला और उसकी 29 वर्षीय विवाहित बेटी के शव उनके घर में लटके हुए मिले। पुलिस जांच में अब इस मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 05, 2026

Nagpur mother daughter suicide Nandanvan

मृतक आकांक्षा ब्रह्मे और उनकी मां संगीता धबाले (Photo: Social Media)

महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां वेंकटेश नगर इलाके में मां और बेटी ने एक साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले की जांच में नंदनवन पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने सभी को हिला कर रख दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जमीन अपने नाम करवाने के लिए पति और ससुराल पक्ष द्वारा लगातार किए जा रहे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना ने उन्हें यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नागपुर शहर में शुक्रवार सुबह एक महिला और उसकी विवाहित बेटी का शव उनके घर में फंदे से लटके पाए गए। दो महीना पहले 29 वर्षीय विवाहिता के नवजात शिशु की मौत हो गई थी और वह अपनी मां के साथ रह रही थी। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे जब उसका पति घर आया तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला। जब उसने खिड़की से अंदर झांका तो मां-बेटी फंदे पर लटके दिखे। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर अंदर गए। लेकिन तब तक दोनों की मौत हो गई थी।

जमीन के लालच में टूटी दो जिंदगियां

पुलिस जांच के मुताबिक, मृतक आकांक्षा ब्रह्मे (29) और उनकी मां संगीता धबाले (52) की जमीन को आरोपी पति लोकेश ब्रह्हे अपने नाम करना चाहता था। इसके लिए वह और उसका परिवार लगातार दबाव बना रहे थे।

बताया जा रहा है कि आकांक्षा को इसके लिए कई बार पीटा भी गया था और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा था। जब यह अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गया, तो वह अपनी मां के घर वेंकटेश नगर आ गई। लेकिन वहां भी हालात से टूट चुकी मां-बेटी ने एक साथ आत्महत्या कर ली।

शादी के बाद से शुरू हुआ अत्याचार

जांच में यह भी सामने आया है कि आकांक्षा की शादी के बाद से ही उसे ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा था। पति लोकेश, सास अनुसूया, ससुर सुधाकर, ननद प्राची और उसके पति अमोल डफ पर आरोप है कि वे लगातार मायके से पैसे लाने के लिए दबाव बना रहे थे। जिस वजह से आकांक्षा बेहद परेशान थी।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब दो महीने पहले आकांक्षा ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन जन्म के तुरंत बाद उसकी मृत्यु हो गई। इस दुख की घड़ी में साथ देने के बजाय, ससुराल वालों ने उसे और अधिक मानसिक यातनाएं देना शुरू कर दिया।

पुलिस ने दर्ज किया दहेज हत्या का मामला

इस मामले में आकांक्षा के मामा विलास पिसे की शिकायत पर नंदनवन पुलिस ने पति समेत ससुराल के पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं और उसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।

नागपुर की यह घटना केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है कि दहेज और संपत्ति के लालच में इंसानियत किस हद तक गिर सकती है। मां-बेटी की इस दर्दनाक मौत ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है।