बुराड़ी में हुई 11 मौत के मामले को सुलझाने में उलझी पुलिस ने मांगी सीबीआई की मदद, अब नए पहलुओं से होगी मामले की जांच।
नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी में हुई 11 मौत का मामला अब दिल्ली पुलिस के गले की फांस बनता जा रहा है। रहस्यमयी मौत की गुत्थी को सुलझाने में 27 दिन का समय लग चुका है, लेकिन दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मसले को हल करने में अब भी सफल नहीं हो पाई है। यही वजह है कि इस मामले से रहस्य का पर्दा उठाने के लिए अब दिल्ली पुलिस ने सीबीआई से मदद मांगी है।
नए पहलुओं पर होगी जांच
बुराड़ी स्थित अपने आवास पर मृत पाए गये भाटिया परिवार के 11 सदस्यों की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। मामले को एक महीने होने वाला लेकिन अब तक इसकी गुत्थी सुलझने की बजाय और उलझती जा रही है। खास बात यहै कि इस मामले में दो बार तो शवों का पोस्टमॉर्टम किया जा चुका है। यही नहीं फोरेंसिक विभाग औऱ क्राइम ब्रांच की जांच के बीच कई बार मतभेद सामने आए, इन सबके बीच अब मामले में सीबीआई से मदद मांगी गई है। सीबीआई न सिर्फ इस मामले में नए पहलुओं से जांच करेगा बल्कि मनोवैज्ञानिक शव परीक्षण करने में मदद करेगा।
आपको बता दें कि साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी में यह देखा जाता है कि व्यक्ति अपनी मौत से पहले के पलों में किस मनोदशा में रहा होगा। यह ऑटोप्सी मृतकों के परिजन, सामाजिक संपर्क में रहे व्यक्तियों और अन्य चीजों से मिली जानकारी के जरिए की जाती है। इसमें मृतकों की कुछ हफ्ते या कुछ महीने पहले की मनोदशा जानने की भी कोशिश की जाती है।
ऐसे उलझती गई गुत्थी
पुलिस ने सीबीआई के सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से मृतकों की मनोस्थिति का विश्लेषण करने के लिए एक मनोवैज्ञानिक पैनल गठित करने के लिए संपर्क किया है। आपको बता दें कि इस मामले में सबसे पहले तंत्र-मंत्र के मोड़ ने सबको चौंका दिया था। धीरे-धीरे मामला आगे बढ़ा और इसके बाद इसमें कई ऐसे चौंकाने वाले खुलासे जिसने कई सवाल खड़े कर दिए। जैसे परिवार के बेटे ललित का आत्माओं से बात करना। घर में एक नहीं तीन से चार आत्माओं को होना। मोक्ष के लिए परिवार का मौत को गले लगाना। मौत को गले लगाने के लिए घर वालों को साजो-सामान इकट्ठा करना। घर से 11 से ज्यादा डायरी और रजिस्टर मिलना।
ये कुछ ऐसे तथ्य थे जिसने पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच को हर पल सोचने पर मजबूर कर दिया। यही नहीं घर में मौत के वक्त बचा एक मात्र जीव टॉमी भी 22 दिन बाद जिंदगी को अलविदा कह गया। उसकी मौत ने भी अपने पीछे कई सवाल छोड़ दिए। बहरहाल अब मामला सीबीआई के पाले में आ गया है और देखना ये है कि सीबीआई इस गुत्थी को सुलझाने में कितना वक्त लेती है।