
नई दिल्ली: पीएनबी महाघोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल मेहुल चौकसी के ठिकानों की जानकारी के लिए अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब एंटीगुआ सरकार को खत लिखा है। सीबीआई ने ने बुधवार को कहा कि उसने 13,500 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के संबंध में एंटीगुआ अधिकारियों से मेहुल चोकसी के ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी है।
एंटीगुआ से मांगी गई मेहुल चौकसी की जानकारी
सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने मंगलवार शाम को इस कैरेबियाई देश से गीतांजलि ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक के बारे में विवरण जानने के लिए पत्र लिखा। भारतीय जांच एजेंसियों को इस मामले में मेहुल और उसके भतीजे नीरव मोदी की तलाश है। सूत्रों ने यह भी बताया कि चौकसी के ठिकाने के संबंध में जानकारी के लिए इंटरपोल के जरिए जारी 'प्रसार नोटिस (डिफ्यूजन नोटिस)' के तहत एंटीगुआ अधिकारियों से यह जानकारी मांगी गई है।
जल्द जारी होगा रेड कार्नर नोटिस
सीबीआई द्वारा इंटरपोल से चौकसी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने की मांग फिलहाल लंबित है। इससे पहले जुलाई में इंटरपोल ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उसके भाई निशाल मोदी और उसकी कंपनी के कार्यकारी सुभाष परब के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। यह पूछे जाने पर कि इंटरपोल कब चौकसी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करेगा, सीबीआई ने कहा, कि इस बारे में जब इंटरपोल को लिखा गया तो, उसने कुछ सवाल उठाए हैं। अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि इसके जवाब में हमने कहा कि चौकसी के संबंध में अब कोई सवाल नहीं बचे हैं।
अमरीका से भागा एंटीगुआ
चौकसी के संबंध में मंगलवार को पता चला कि वह एंटीगुआ का पासपोर्ट इस्तेमाल कर कई सप्ताह पहले ही अमरीका से एंटीगुआ जा चुका है, जिसके बाद एजेंसी ने एंटीगुआ के अधिकारियों को चोकसी के संबंध में पत्र लिखा। सीबीआई ने इंटरपोल के जरिए विदेशों में प्रसार नोटिस भेजा था, जिसके बाद एंटीगुआ के अधिकारियों ने चौकसी के वहां होने का खुलासा किया।
जताई थी मॉब लिंचिंग की आशंका
इससे पहले मेहुल चौकसी ने मॉब लिंचिंग का बहाना बनाते हुए कहा था कि अगर वो भारत में आता है तो उसकी मॉब लिंचिंग के माध्सम से हत्या हो सकती है। इसलिए उसके खिलाफ जारी किए गए गैर जमानती वॉरंट रद कर दिए जाए। उसने अपनी अपील में कहा था उसके खिलाफ देश में माहौल बना हुआ है उससे उसके खुद ऑफिस में काम करने वाले लोग हमला कर देंगे। इसी वजह से वो भारत नहीं लौट पा रहा है।