
माता-पिता के बाद गुरु को जीवन का तीसरा सबसे बड़ा दर्जा दिया जाता है। लेकिन झारखंड से एक शिक्षक के सनकीपन की ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी शिक्षक कौम की प्रतिष्ठा को धूमिल कर दिया है। यहां एक शिक्षक ने नौवीं की कक्षा को भरे क्लासरूम में कपड़े उतरवाए। इससे छात्रा इतनी आहत हुई कि घर पहुंचते ही खुद को कमरे में बंद कर शरीर में आग लगा लिया। आज उस छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों सहित आस-पास के लोगों का गुस्सा भड़क उठा है।
मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक और छात्र के पवित्र रिश्ते को तार-तार करने वाला यह मामला झारखंड के जमशेदपुर का है। यहां स्कूल में नकल के शक में एक शिक्षक ने पूरी क्लास के सामने छात्रा के कपड़े उतरवाकर चेकिंग की। इस घटना से दलित छात्रा इतनी आहत हुई कि आत्मदाह का कदम उठा लिया। आग से बुरी तरह से झुलसी छात्रा को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
छात्रा का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि वह अस्सी प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी थी। घटना से नाराज परिजन और स्थानीय लोगों ने डीईओ कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और आरोपी शिक्षिका पर करवाई की मांग की। यह घटना जमशेदपुर के साकची स्थित शारदामणि गर्ल्स स्कूल की है। टीचर को शक था कि छात्रा नकल कर रही है। ऐसे में उसने पूरे क्लासरूम के सामने छात्रा के कपड़े उतरवाए थे। हालांकि छात्रा के पास से कोई पर्ची नहीं मिली।
आज सुबह करीब 11.30 बजे छात्रा की मौत हो गई। जिसके बाद सैकड़ों लोग स्कूल से लेकर डीईओ कार्यालय तक बवाल कर रहे थे। मौत के बाद आक्रोश और भड़कने की आशंका है। अस्पताल से लेकर डीईओ कार्यालय तक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल बंद कर दिया गया है। छात्रा की मौत और बवाल के बाद कपड़े उतरवाने की आरोपी शिक्षिका चंद्रा दास की बर्खास्तगी का आदेश दे दिया गया है। आक्रोशित लोग आरोपी शिक्षिका पर कार्रवाई और उसके इलाज का खर्च स्कूल की ओर से देने की मांग कर रहे थे।
वहीं दूसरी ओर स्कूल की प्रधानाध्यापिका गीता रानी महतो ने बताया कि छात्रा परीक्षा के दौरान चीटिंग करती पकड़ी गई थी। उसके बाद शिक्षिका चंद्रा दास उसे मेरे पास लेकर आई थी। क्लासरूम में कपड़ा उतरवाने की बात गलत है। छात्रा को हिदायत देकर छोड़ दिया गया था। वहीं परिजनों का कहना है कि प्राचार्य स्कूल और शिक्षिका की बदनामी के कारण गलत कहानी गढ़ रही है।