अज्ञानता के कारण हो रहे हैं इस तरह के हमले मोतिहारी में एसडीओ और बीडीओ भी हमले में हो चुके हैं घायल हमलावरों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत होगा मामला दर्ज
नई दिल्ली। बिहार के औरंगाबाद में कोरोना जांच ( Corona Test ) के लिए पहुंची हेल्थ टीम ( Health Team ) और पुलिस पार्टी पर ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। यह घटना गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गांव की है। हेल्थ टीम स्वास्थ्य परीक्षण के मकसद से एकौनी गांव पहुंची थी। ग्रामीणों के हमले में हेल्थ टीम और पुलिस पार्टी के कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
हेल्थ टीम कोरोना संदिग्ध की सूचना मिलने पर औरंगाबाद गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गांव पुलिसकर्मियों के साथ पहुंची थी। इस बात से गांव के लोग नाराज हो गए। उन्होंने हेल्थ टीम और पुलिस पार्टी पर अचानक हमला बोल दिया। गांव के लोगों ने हेल्थकर्मियों, एसडीपीओ राजकुमार तिवारी और उनके साथ मौजूद पुलिस के जवानों के साथ भी मारपीट की।
ग्रामीणों के हमले में एसडीपीओ के अलावा कई पुलिसकर्मी, आयुष चिकित्सक डॉ. अर्जुन कुमार, एएनएम नीलू कुमारी, केयर मैनेजर अनूप कुमार मिश्रा और ड्राइवर सूरज कुमार घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर औरंगाबाद के डीएम सौरभ जोरवाल और एसपी दीपक बरनवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को निय़ंत्रित किया। बिहार में कोरोना योद्धाओं के खिलाफ जारी हमलों से नाराज डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ( DGP Gupteshwar Pandey) ने हमलावरों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग ऐसा करेंगे उनको जेल में सड़ा देंगे। डीजीपी पांडे ने बताया कि औरंगाबाद की घटना में 25 लोग जेल भेजे गए हैं।
डीजीपी ने कहा कि ऐसे लोगों का नाम गुंडा एक्ट के तहत दर्ज होगा। साथ ही स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाई जाएगी। डीजीपी ने कहा कि एक प्रतिशत लोग गलत कर रहे हैं। लोगों को समझना होगा कि पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी आम लोगों के हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले अज्ञानता के कारण हो रहे हैं।
इसी तरह मोतिहारी जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ एईएस का खतरा भी मंडरा रहा है। डीएम एस कपिल अशोक के निर्देश पर अधिकारियों ने हरसिद्धि प्रखंड स्थित जागापाकड़ गांव के भैयाटोला में एसडीओ और बीडीओ लोगों को समझाने पहुंचे थे। चर्चा के दौरान उग्र ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिससे बीडीओ और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।