https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. क्वाड पत्थर की खान के नाम पर निवेश करवा लाखों रुपए ठगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सोमवार को टाउन थाने में चार जनों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
क्वॉड पत्थर की खान के नाम पर निवेशकों को लगाया लाखों रुपए का चूना
- टाउन थाने में चार जनों के खिलाफ मामला दर्ज
- कई अन्य से भी लाखों रुपए की ठगी का आरोप
हनुमानगढ़. क्वाड पत्थर की खान के नाम पर निवेश करवा लाखों रुपए ठगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सोमवार को टाउन थाने में चार जनों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार देवकरण जाट (38) पुत्र रामप्रताप निवासी 32 एनडीआर लाधुवाला ने रिपोर्ट दी कि टाउन धानमंडी में बालाजी ट्रैडर्स संख्या 46 ए के नाम से बृजलाल भवनानी पुत्र तीर्थदास व उसके भाई तुलसीदास सिंधी की दुकान है। दोनों भाइयों ने ग्रीन स्टार मार्केटिंग कॉरपोरेशन के नाम से कंपनी खोल रखी है। स्वयं को कंपनी का एमडी बताने वाले बृजलाल भवनानी व उसका भाई तुलसीदास ने उसे बताया कि राजसमंद व डूंगरपुर जिले के पहाड़ी इलाके में उनकी क्वॉड पत्थर की खान है जिससे शीशा बनता है। इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत डिमांड है। कांच की चूड़ी से लेकर हवाई जहाज के शीशे तक का हर सामान इस पत्थर से बनता है। खान से पत्थर को निकाल कर ग्राडिंग प्लांट में भिजवाने पर उन्हें प्रति टन 3000 से 4500 रुपए मिलते हैं। खानों से प्रतिदिन 500 टन माल निकलता है। प्रतिदिन उन्हें 15 लाख से 22 लाख रुपए की आमदनी होती है। खान से पत्थर निकालने व प्लांट तक पहुंचाने का कुल खर्चा 7.50 लाख से 11 लाख निकाल भी दें तो प्रतिदिन 7.50 लाख से 11 लाख रुपए शुद्ध मुनाफा होता है। अब वे खुद का ग्राडिंग प्लांट लगाना चाहते हैं ताकि प्रतिदिन 500 टन पर 70 से 90 लाख रुपए की आमदनी हो सके। इसके लिए उन्हें कम से कम 150 से 200 करोड़ रुपयों की आवश्यकता है। इसलिए वे ग्रीन स्टार मार्केटिंग कॉरपोरेशन के नाम से नेटवर्किंग कंपनी बनाकर मल्टीलेवल मार्केटिंग प्लान लेकर आए हैं ताकि मार्केट से नेटवर्किंग के जरिए पैसे अपनी कंपनी में निवेश करवा कर अपना प्लांट शुरू कर सकें।
200 दिनों में दोगुना
परिवादी ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उससे कंपनी में निवेश की गई रकम 200 दिनों में दोगुनी वापस करने की बात कही। दोनों भाइयों के अलावा बृजलाल के पुत्र दीपक उर्फ गुड्डू व उधबदास उर्फ उदय सिंधी ने उसे व उसके साथियों के अलावा कई लोगों को विश्वास में लेकर करोड़ों रुपयों का निवेश कंपनी में करवा लिया। पहले प्रति सप्ताह पेआऊट देना शुरू किया। फिर माह में दो बार उसके बाद माह में एक बार और ऐसा करते-करते 6-7 माह बाद अपनी कंपनी का सॉफ्टवेयर हैक होने का बहाना कर वेबसाइट का डोमेन नाम बदल लिया। प्लान चेंज कर 20 माह में दोगुना देने का नया प्लान लॉन्च कर दिया। लोगों को विश्वास में लेने के लिए कई सेमिनार करवाए। लोगों को 200 दिनों में उनकी रकम दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपए ऐंठ लिए। परिवादी देवकरण के अनुसार उसने भी कंपनी के खातों व उनकी दुकान पर नकदी के रूप में अपने व अपने साथियों से उधार व ब्याज पर पैसे लेकर 13 लाख रुपए निवेश कर दिए। उसके तीन दोस्तों सुभाषचन्द्र यादव, जितेन्द्रसिंह मान व भूपेन्द्रसिंह ढिल्लों ने भी करीब 20 लाख रुपए का निवेश कर दिया। आरोपियों ने अलग-अलग पैकेज की विभिन्न आईडी लगाकर रुपए वापस देने का वादा किया था। शुरू में कई दिनों तक कुछ हजार रुपए वापस करते रहे। लेकिन कुछ समय बाद रुपए वापस देना बंद कर दिया। अब इन्होंने रुपए लौटाने से इनकार करते हुए कहा कि लोगों के निवेश किए पैसे में से ही कुछ रकम वापस कर ठगी मारते हैं। उनके निवेश किए 33 लाख रुपए में से ही कुछ हजार वापस किए हैं। इन्हीं पैसों से उन्होंने दीपक उर्फ गुड्डू की शादी की है। लाखों रुपए अपनी शान-शौकत में खर्च कर दिए। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर बृजलाल, उसके भाई तुलसीदास, दीपक उर्फ गुड्डू व उधबदास उर्फ उदय सिंधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एएसआई जसकरण सिंह को सौंपी गई है।