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Rajasthan: बीजेपी MLA पिटाई मामले ने पकड़ा तूल, सामूहिक अवकाश पर इंजीनियर, आंदोलन की चेतावनी

राजस्थान में बीजेपी विधायक जयदीप बिहानी और इंजीनियर के बीच हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इंजीनियर की गिरफ्तारी के विरोध में हनुमानगढ़ में इंजीनियरों ने सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

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Hanumangarh

प्रदर्शन करते इंजीनियर (फोटो-पत्रिका)

हनुमानगढ़। श्रीगंगानगर जिले में बीजेपी विधायक जयदीप बिहानी की पिटाई का मामला सामने आया था, जिसमें इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया। अब इस मामले में हनुमानगढ़ के इंजीनियरों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। गिरफ्तार इंजीनियर जगनलाल बैरवा ने आरोप लगाया है कि विधायक और उनके लोगों ने उनके साथ मारपीट की है और पाइप से पीटा है।

राजस्थान काउंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के बैनर तले विभिन्न विभागों के अभियंता जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में एकत्र हुए और रोष व्यक्त किया। अभियंताओं का आरोप है कि घटना में अभियंता के साथ मारपीट की गई, जबकि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच के एकतरफा कार्रवाई करते हुए उसे ही गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि गिरफ्तारी से पहले मेडिकल परीक्षण क्यों नहीं कराया गया, जो कि प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

घटना के दौरान मोबाइल फोन छीनने का आरोप

अभियंताओं ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए। उनका कहना है कि फुटेज से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में क्या हुआ था। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के दौरान मोबाइल फोन छीने गए, जिससे रिकॉर्डिंग को रोका जा सके।

कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

प्रांतीय महासचिव उपदेश अग्रवाल के नेतृत्व में अभियंताओं ने सिंचाई विभाग कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यह घटना न केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय है, बल्कि पूरे अभियंता वर्ग की गरिमा और सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

अभियंताओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करवाई जाए, साथ ही इसमें संबंधित उच्च स्तरीय निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो प्रदेशभर के अभियंता आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभियंता मौजूद रहे। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस संवेदनशील मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और अभियंता वर्ग का विश्वास बना रहे।