Gujarat के राजकोट में पुलिस ने कोचिंग सेंटर पर मारा छापा, प्रवेश करने के बाद नजारा देख हर कोई रह गया दंग
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) की दूसरही लहर के कहर से पूरा देश जूझ रहा है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक हर स्तर पर कोविड 19 को काबू करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। लॉकडाउन ( Lockdown ) से लेकर कर्फ्यू तक तमाम पाबंदियां लगाकर इसकी चेन को ब्रेक करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बावजूद इसके कुछ लोग ना सिर्फ इन पाबंदियों को अनदेखा कर रहे हैं बल्कि खुद के साथ दूसरी जान भी खतरे में डाल रहे हैं।
कुछ ऐसा ही मामला गुजरात ( Gujarat ) से सामने आया है। जहां प्रतिबंधों के बावजूद एक कोचिंग सेंटर में 550 से ज्यादा बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। खास बात यह है कि यहां ना तो कोरोना प्रॉटोकॉल का पालन हो रहा था और ना किसी ने मास्क पहना था। यही नहीं सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियम की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
पुलिस ने गुजरात के राजकोट ( Rajkot ) जिले के जसदान शहर में एक कोचिंग सेंटर के मालिक को कथित तौर पर कोरोना मानदंडों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
जब पुलिस ने छापेमारी के दौरान उसके परिसर में प्रवेश किया तो सभी दंग रह गए। एक दो नहीं बल्कि 550 से ज्यादा छात्र एक छत के नीचे एक साथ बैठे थे।
इन छात्रों के बीच ना तो सोशल डिस्टेंसिंग थी और ना ही इन छात्रों ने मास्क लगाया था। राजकोट के पुलिस अधीक्षक बलराम मीणा के मुताबिक यहां से करीब 215 किलोमीटर दूर स्थित केंद्र पर छापेमारी की गई और इसके मालिक की पहचान 39 वर्षीय जयसुख सांखलवा के रूप में हुई।
कोचिंग सेंटर मालिक पर हुई ये कार्रवाई
कोचिंग सेंटर के मालिक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर आईपीसी और महामारी रोग अधिनियम के प्रावधानों के तहत कोविड -19 मानदंडों पर पुलिस अधिसूचना की अवहेलना करने के साथ-साथ लापरवाही से काम करने का आरोप है। उसकी इस लापरवाही से संक्रमण फैल सकता है।
इसलिए चल रही थी क्लास
पुलिस ने बताया कि संखलवा जवाहर नवोदय विद्यालय और बालाचडी सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को पढ़ाने के लिए एक कोचिंग सेंटर-हॉस्टल चलाता है।
वहीं कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर हमने परिसर पर छापा मारा तो वहां 9-10 साल के 555 स्टूडेंट्स को ट्यूशन लेते हुए पाया। ह केंद्र कोविड-19 के चलते राज्य सरकार द्वारा क्लासरूम अध्यापन पर रोक के बावजूद चल रहा था।