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Gujarat Riot Case: तीस्ता सीतलवाड़ को हाईकोर्ट से झटका, जाना पड़ सकता है जेल

Gujarat Riot Case: तीस्ता सीतलवाड़ पर 2002 के गुजरात दंगों के संबंध में फर्जी सबूत गढ़ने के आरोप हैं।
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Updated: 1 Jul 2023, 2:28 PM IST
Teesta Siltalwad
तीस्ता सीतलवाड़ ने 2022 के दंगों के बाद काफी सक्रिय भूमिका निभाई थी।

Gujarat Riot Case: जानीमानी समाजसेवी तीस्ता सीतलवाड़ पर एक बार फिर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। गुजरात हाईकोर्ट ने शनिवार को सीतलवाड को नियमित जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने सीतलवाड़ को तुरंत सरेंडर करने का निर्देश दिया है। 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े सबूत गढ़ने के आरोप में गुजरात पुलिस ने तीस्ता सीतलवाड को बीते साल जून में गिरफ्तार किया था। बाद में उनको सुप्रीम कोर्ट से उनको अंतरिम राहत मिल गई थी। उनकी गिरफ्तारी के ठीक एक साल बाद अब फिर से उनको जेल जाना पड़ सकता है।

सीतलवाड़ ने मांगी थी नियमित जमानत
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तीस्ता सीतलवाड़ की ओर से नियमित जमानत याचिका दायर की गई थी। शनिवार को इस पर सुनवाई करते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने उनको बेल देने से इनकार कर दिया। पुलिस की चार्जशीट में सीतलवाड़ पर "झूठे सबूतों के साथ झूठा मामला" स्थापित करने की "साजिश" रचकर नरेंद्र मोदी, भाजपा नेताओं और राज्य सरकार के अधिकारियों को "फंसाने" की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

मुंबई की रहने वाली पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और पद्म श्री से सम्मानित 61 वर्षीय सीतलवाड गुजरात दंगों के बाद 2002 में स्थापित एनजीओ सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस की संस्थापक ट्रस्टी और सचिव हैं। ये एनजीओ दंगों के पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान करने का काम करता है।

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1 Jul 2023, 2:28 PM IST
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