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अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित हरमनप्रीत कौर की डिग्री फर्जी, पंजाब पुलिस डीएसपी से बनाएगी कॉन्सटेबल

अगर हरमनप्रीत पर कानूनी कार्रनाई भी होती है तो उनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया जाएगा और उनसे अर्जुन अवॉर्ड भी छीन लिया जाएगा।
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Updated: 10 Jul 2018, 11:33 AM IST
Cricketer Harmanpreet Kaur
Harmanpreet Kaur

नई दिल्ली। अपने शानदार खेल और पर्सनेलिटी को लेकर सुर्खियों में रहने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी और मौजूदा समय में टी-20 फॉर्मेट की कप्तान हरमनप्रीत कौर एक बड़ी मुश्किल में फंसती हुई नजर आ रही हैं। दरअसल, हरमनप्रीत कौर की ग्रेजुएशन की डिग्री फर्जी निकल गई है, जिसके बाद पंजाब सरकार उनपर कार्रवाई करते हुए उनकी डीएसपी रैंक को छीनकर उन्हें कॉन्सटेबल बना सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरमनप्रीत कौर को डीएसपी से हटाकर अब पंजाब पुलिस में कॉन्सटेबल का पद दिया जाएगा। अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित हो चुकीं हरमनप्रीत कौर को इसी साल एक मार्च को डीएसपी का औहदा दिया गया था।

हरमनप्रीत कौर को डीएसपी से कॉन्सटेबल बनाया जाएगा
जानकारी के मुताबिक, हरमनप्रीत कौर की ग्रेजुएशन की डिग्री चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ की है, लेकिन जांच में वो डिग्री अब फर्जी निकली है। अब पंजाब सरकार ने हरमनप्रीत को चिट्ठी लिखकर कहा है कि उनकी क्वालिफिकेशन सिर्फ 12 वीं तक है, ऐसे में सिर्फ कांस्टेबल की नौकरी मिल सकती है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यालय में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा शैक्षिक योग्यता के हिसाब से हरमनप्रीत कौर को डीएसपी का पद नहीं मिल सकता। आपको बता दें कि पंजाब पुलिस हो या फिर किसी भी राज्य की पुलिस के नियम 12वीं पास को डीएसपी बनाए जाने की इजाजत नहीं देते।

कानूनी कार्रवाई हुई तो छिन सकता है अर्जुन अवॉर्ड
इन सबके बीच हरमनप्रीत के लिए अच्छे संकेत ये है कि सरकार की तरफ से अभी तक उनके खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई का निर्देश नहीं दिया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित खिलाड़ी हैं, क्रिकेट जगत में उनकी उपलब्धियों को लेकर डीएसपी रैंक दी गई थी। अगर कानूनी कार्रवाई हरमनप्रीत के खिलाफ होती है तो धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनसे अर्जुन अवॉर्ड भी वापस लिया जा सकता है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा जा रहा है कि इस मामले पर हरमनप्रीत ने किसी भी तरह का कोई जवाब नहीं दिया है। एक अखबार से बातचीत में हरमनप्रीत कौर के मोबाइल पर बयान के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

कैसे पता चला डिग्री फर्जी है
पंजाब आर्म्ड पुलिस, जालंधर को मेरठ यूनिवर्सिटी की ओर से भेजे गए सत्यापन दस्तावेजों में बताया गया था कि हरमनप्रीत की मार्कशीट में दर्ज रोल नंबर और इनरोलमेंट नंबर रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं।

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