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मानव को मोमबत्ती, सुई की तरह जीवन बिताना चाहिए: मुनिश्री

मुनिश्री का आज मंगल प्रवेष उपग्वालियर जैन मदिंर कमेटी सिद्धचक्र विधान के लिए करेंगी
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मानव को मोमबत्ती, सुई की तरह जीवन बिताना चाहिए: मुनिश्री
मानव को मोमबत्ती, सुई की तरह जीवन बिताना चाहिए: मुनिश्री

ग्वालियर। भगवान हमें जिनवाणी में बता रहे हैं, हे मानव तुमने जीवन तो पा लिया है, लेकिन इसमें किस तरह रहना है, इसका सही ज्ञान हमें लगाना है। जिस प्रकार दीपक जलकर रोशनी पैदा करता है, उसी प्रकार हमें गुरुजनों, महापुरुषों के समक्ष पहुंचकर अंधकार रूपी अज्ञान को हटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश को जगाना है। यह बात मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने आज गुरूवार को नई सडक स्थित चंपाबाग धर्मषाला में लोहमंडी जैन मदिंर कमेटी ने 4 से 12 नवंबर तक आयोजित होने वाले सिद्धचक्र विधान में सम्मालित होने के लिए श्रीफल चढ़ाकर उन्हें आषीश वचन दिए।
मुनिश्री ने कहाकि हमारा जीवन मोमबत्ती, केश व सुई की तरह होना चाहिए। मोमबत्ती जलकर प्रकाश देती हैं, स्वयं को नष्ट करके दूसरों को रोशन करती हैं। हमें भी कष्टों को सहन करके दूसरों को सुख पहुंचाना। केश बाल जो मुलायम व लचीले होते हैं उसी प्रकार हमारा जीवन मुलायम लचीला हो। सुई का काम जोड़ना है तोड़ना नहीं, सुई व धागा मिलकर फटी चादर को सिल देते हैं। इसी प्रकार संशय व बिखरे हुए परिवार समाज को जोड़ने का काम करें। किसी का दिल नहीं दुखाते भाव का प्रकाश करें, तो हमारा यह मानव जीवन सफल होगा।

Published on:
31 Oct 2019 08:14 pm