जेट एयरवेज की फ्लाइट में मुंह-नाक से खून आने के मामले में एयरलाइंस के खिलाफ दर्ज हुआ केस
नई दिल्ली। विमान में यात्रा के दौरान यात्रियों को नाक और मुंह से खून आने वाले मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इसको लेकर जेट एयरवेज एयरलाइंस पर अब केस दर्ज हो गया है। दरअसल एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद सहार पुलिस स्टेशन में हत्या के प्रयास और कुप्रबंधन का मामला दर्ज किया गया है।
जेट एयरवेज की फ्लाइट 9 डब्ल्यू 697 ने गुरुवार को जयपुर से मुंबई के लिए उड़ान भरी थी। इसमें 166 यात्री सवार थे। इनमें से 30 यात्रियों ने नाक-कान से खून बहने और सिरदर्द की शिकायत की थी। दरअसल क्रू मेंबर केबिन के प्रेशर को बनाए रखने वाले बटन को दबाना भूल गया था। जिसकी वजह से खून निकलने और सर दर्द की शिकायतें आई है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक अधिकारी के मुताबिक उड़ान भरते समय चालक दल के सदस्य 'ब्लीड स्वीच सेलेक्ट करना भूल गये, जिसकी वजह से केबिन प्रेशर सामान्य नहीं रखा जा सका। इस वजह से ऑक्सीजन मॉस्क नीचे आ गये।
एयरवेज ने मानी थी क्रू की गलती
जेट एयरवेज ने इस मामले में क्रू की गलती मानी थी और उसे जांच होने तक ड्यूटी से हटा दिया। डीजीसीए ने कहा था- क्रू एयर प्रेशर कंट्रोल करने वाला ब्लीड स्विच ऑन करना भूल गया था, जिसकी वजह से ऐसा हुआ।
पांच यात्रियों को बेहरेपन की शिकायत
आपको बता दें कि अधिकारियों के मुताबिक पांच यात्रियों मुकेश शर्मा, विकास अग्रवाल, दामोदर दास अन्वेषण रे, और अंकुर काला को ठीक ढंग से सुनाई नहीं दे रहा था। सभी को नानावती अस्पताल में ईएनटी स्पेशलिस्ट की ओर से जांच कराई गई। अस्पताल के मुख्य संचालन अधिकारी राजेंद्र पाटनकर ने कहा कि सभी की सेहत ठीक है और सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है । ईएनटी विशेषज्ञ ने कहा कि पांच यात्रियों को कम सुनाई देने की बात सही है उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कम से कम 10 दिन का समय लगेगा। तब तक हवाई सफर करने से रोक दिया गया है।