झारखंड के खूंटी में पांच आदिवासी युवतियों के साथ हुए दुष्कर्म के बाद से घमासान मचा हुआ है, इस दौरान गुस्साई भीड़ ने तीन सुरक्षाकर्मियों को अगवा कर लिया था।
नई दिल्ली। झारखंड से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां उन तीनों सुरक्षाकर्मियों को रिहा कर लिया गया है, जो भाजपा सांसद करिया मुंडा के आवास से अगवा किए गए थे। सुरक्षाकर्मियों को छुड़ाने के लिए पुलिस ने गुरुवार को बड़े स्तर पर सर्च आॅपरेशन चलाया। जानकारी मिली है कि 72 घंटे तक चले इस आॅपरेशन के दौरान पुलिस सख्ती के चलते पत्थलगड़ी समर्थकों ने उन्हें रिहा कर दिया।
बता दें कि झारखंड के खूंटी में यह घमासान पांच आदिवासी युवतियों के साथ हुए दुष्कर्म के बाद शुरू हुआ। यह घटना खूंटी के कूचांग गांव में घटी। हालांकि पुलिस इस घटना के पीछे पत्थलगड़ी समर्थकों का हाथ बता रही है।रिपोर्ट के अनुसार पुलिस से बच भागने के लिए में पत्थलगड़ी समर्थकों ने अनिगड़ा के पास चांदीडीह स्थित भाजपा सांसद करिया मुंडा के घर को निशाना बनाया था। यहां लगभग 300 की संख्या में पत्थलगड़ी समर्थकों ने हमले में तीन इंसास रायफल लूट ली थी। बताया गया कि समर्थकों में बड़ी संख्या में महिलाओं भी शामिल थी।
दुष्कर्म की घटना के बाद से यहां हालात बेकाबू
आदिवासी युवतियों के साथ हुए दुष्कर्म की घटना के बाद से यहां हालात बेकाबू हो चले थे। पत्थलगड़ी समर्थकों को रोकने में संयम बरत रही पुलिस ने आखिरी चेतावनी दी थी, बावजूद इसके दोनों पक्षों में टकराव हो गया। टकराव के दौरान पुलिस ने जब बल का प्रयोग किया तो हालात और बिगड़ गए। बेकाबू भीड़ ने भाजपा सांसद करिया मुंडा के आवास पर हमला बोल दिया। इस दौरान भीड़ ने तोड़फोड़ करते हुए उनके तीन सुरक्षाकर्मियों को अगवा कर लिया, जिसके बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव की स्थिति बन गई।