मंड्या की महिला पुलिस कप्तात राधिका ने अपने घर में करीब 18 पुलिसकर्मियों को अर्दली के रूप में लगा रखा है।
मंड्या। एक ओर जहां प्रदेश में अपराध ग्राफ नीचे होने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं पुलिस अधिकारी सरकारी सेवाओं को बेजा इस्तेमाल कर ऐशो-आराम का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला कर्नाटक के मंड्या जिले से सामने आया है। मंड्या की महिला पुलिस कप्तान राधिका ने अपने घर में करीब 18 पुलिसकर्मियों को अर्दली के रूप में लगा रखा है। ऐसा तब है जब प्रदेश में ब्रिटिशकालीन अर्दली व्यवस्था डेढ़ साल पहले ही खत्म हो चुकी है। लेकिन अधिकारियों का सरकार सेवाओं के नाम पर होनी वाली मनमानी से अभी मन नहीं भरा। राधिका के बारे में बताया जाता है कि वह सभी पुलिस कर्मियों से अपने घर का काम कराती हैं।
एक अंग्रेजी समाचार पत्र ने दावा किया है कि उसके पास मौजूद वीडियो में पुलिस कप्तान राधिका अपने सरकार आवास पर पुलिसकर्मियों से कपड़े धुलवाने व पेड़-पौधों में पानी डलवाने का काम कर रही है। वहीं इस विडियो को लेकर एसपी राधिका ने अपने बयान में कहा है कि वह किसी के साथ कोई जोर जबरदस्ती नहीं करती, बल्कि पुलिसकर्मी खुद अपनी इच्छा से इन कामों को करते हैं। उन्होंने इस बात को खारिज किया है कि यह काम पुलिसकर्मियों को उनके द्वारा सौंपे जाते हैं। सूत्रों की मानें तो मंड्या पुलिस कप्तान के आवास पर 18 पुलिसकर्मी घर से जुड़े काम करते हैं। यही नहीं 3 पुलिस ड्राइवरों को तो घर के सदस्यों को घुमाने के लिए तैनात किया गया है।
वहीं एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस कप्तान सरकारी आवास पर सहायक के रूप में अधिकतम तीन पुलिसर्मियों को ही रख सकता है। पुलिस अधिकारी के अनुसार यदि आवास पर काम अधिक है तो इसके अलग से प्राइवेट स्टॉफ रखा जा सकता है।