
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बहस के लिए चुनौती देने के बाद सुर्खियों में आई लुधियाना की छात्र जाह्नवी बहल ने साइबर स्टॉकिंग के मामले में पुलिस से शिकायत की है। जाह्नवी का कहना है कि इंटरनेट के जरिए दुनिया भर से उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है।
जाह्नवी की शिकायत पर लुधियाना पुलिस ने साइबर स्टॉकिंग के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी है। आपको बता दें कि साइबर स्टॉकिंग जैसा मामला भारत में पहली बार सामने आया है, जिसकी शिकायत किसी युवा छात्र ने की है।
कौन है जाह्नवी बहल
लुधियाना की रहने वाली छात्र जाह्नवी सबसे पहले कन्हैया कुमार को खुली बहल के लिए चुनौती देने के बाद चर्चाओं में आई। जाह्नवी ने कन्हैया कुमार को अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर खुली बहस के लिए चुनौती दी थी। उऩ्होंने 23 मार्च 2016 को शहादत दिवस पर हुसैनीवाला बार्डर पर आने का न्यौता दिया था। वहीं, जाह्नवी ने जम्मू-कश्मीर के ऐतिहासिक लाल चौक पर सार्वजनिक तौर पर तिरंगा फहराने के मामले में भी खुब चर्चाएं बटोरी। अलगाववादियों को रोक कर दिखाने की चुनौती देने वाली जाह्नवी झंडा फहराने के लिए श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंच गई थी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें वापस भेज दिया था। आपको बता दें कि जाह्नवी बहल रक्षा फाउंडेशन की युवा सदस्य हैं। वह पंजाब में लुधियाना के डीएवी स्कूल में पढ़ती हैं। वे कई सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद कर चुकी हैं।
किसे कहते हैं साइबर स्टॉकिंग क्राइम
लगातार बढ़ते इंटरनेट के जाल ने दुनिया भर के लोगों को एक मंच पर ला खड़ा कर दिया है। अब मिलों दूर बैठे लोगों से कोई भी बात चुटकियों में हो जाती है और ये सब संभव हुआ है इंटरनेट के जरिए। आज फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम जैसे कई सोशल साइट हैं जिनके माध्यम से हम लोगों से जुड़ सकते हैं। किसी के बारे में कुछ जान सकते हैं। लेकिन इसके दूष परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। विज्ञान की इस अद्भुत शक्ति का लोग गलत उपयोग कर रहे हैं। इसके जरिए लोगं साइबर स्टॉकिंग जैसा साइबर क्राइम कर रहे हैं। इस अपराध के जरिए कोई व्यक्ति या समूह इंटरनेट के माध्यम से दूसरे व्यक्ति का पीछा कर सकता है और उसे नुकसान पहुंचा सकता है। इसके माध्यम से धमकी देना, डेटा आदि से छेड़छाड़ भी की जा सकती है।