Coronavirus से बचने के लिए देश में Lockdown 2.0 लॉकडाउन का फायदा उठाकर NGO प्रमुख ने सात करोड़ के गहने लूटे मदद की आड़ में सहयोगियों के संग मिलकर दिया वारदात को अंजाम
नई दिल्ली। पूरा देश इन दिनों कोरोना वायरस ( coronavirus ) की प्रकोप से जूझ रहा है। इस महामारी को रोकने और उसकी चेन को तोड़ने के लिए देश में अगामी तीन मई तक के लिए लॉकडाउन ( Lockdown 2.0 ) लगा हुआ है। वहीं, कई समाजसेवी संस्था, संगठन और लोग लॉकडाउन में फंसे लोगों की मदद कर रहे हैं। लेकिन, इसी मदद की आड़ में महाराष्ट्र ( Maharashtra ) की राजधानी मुंबई ( Mumbai ) में एक NGO प्रमुख ने ऐसा काम किया है, जिसने सबको चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि मदद के नाम पर NGO प्रमुख ने एक गहनों ( Jewellery Shop ) की दुकान से सात करोड़ के गहने लूट लिए।
पुलिस के मुताबिक, राज्य में लॉकडाउन में भोजन वितरण की अनुमति लेकर एक एनजीओ प्रमुख 35 साल के आनंद चामरिया ( Anand Chamaria ) ने सात करोड़ के गहने लूट लिए। पुलिस ( Police ) ने आरोपी चामरिया को अन्य छह लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल ( Anikt Goel ) ने बताया कि चोरी के आरोप में शहर के एकता फाउंडेशन के अध्यक्ष विपुल आनंद चामरिया को छह अन्य लोगों के साथ सोमवार को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से पांच करोड़ 30 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि विगत 23 अप्रैल को राजकुमार लूथरा नामक शख्स ने बताया कि उनकी आभूषणों की दुकान में सेंध लगाकर सात करोड़ रुपए के गहने लूट लिए गए। उन्होंने बताया कि पुलिस की तीन टीमों ने आसपास के क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों से पूछताछ की। जिसके बाद NGO प्रमुख आनंद चामरिया को गिरफ्तार किया गया। पीड़ित का कहना है कि आरोपी के पास लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को भोजन बांटने की अनुमति थी, जिसकी आड़ में उसने ऐसा काम किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों ने दोस्तों के साथ मिलकर पहले दुकान के बारे में सारी जानकारी एकत्रित की। इसके बाद लॉकडाउन में मदद के नाम पर इस वारदात को अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि पकड़े छह आरोपियों में से चार एनजीओ में काम करते हैं। फिलहाल, पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। वहीं, इस घटना से इलाके में सनसनी मच गई है।