मामला हाल ही में सामने आया था। चार्जशीट में मां और बेटे दोने के बयान दर्ज किए गए हैं।
मुंबई। हाल ही में देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 हटा दी है। जिसके बाद कयास लगने लगे थे कि समलैंगिक संबंधों के मामले बढ़ेंगे, इन कयासों के हकीकत में बदलने की आशंका सामने आने लगी है। डेटिंग ऐप केस के नाम से चर्चित इस मामले में 6 में से 4 आरोपियों को जमानत मिल गई है। हाल ही में 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' यानी पोक्सो (POCSO) एक्ट कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से चार को बेल दे दी है। कोर्ट ने एक स्कूल टीचर ( 53 वर्षीय) को जमान नहीं दी है। वहीं एक कारोबारी (54 वर्षीय) को बेल देते हुए कोर्ट ने कहा है कि, " इसमें संदेह नहीं है कि पीड़ित की उम्र 16 वर्ष है। आरोपी ने पहले कभी अपराध नहीं किया। वह पेशेवर अपराधी नहीं हैं। केस का फैसला ना होने तक उसे जेल में रखना दोषी ठहराए दिए जाने से पहले अपराधी करार दिया जाना होगा।
गे डेटिंग ऐप के जरिए हुई नाबालिक से मुलाकात
16 वर्षीय नाबालिक लड़का गे डेटिंग ऐप के जरिए लोगों से मिलता था। लड़के ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयान में बताया था कि सिर्फ तीन आरोपियों को उसने अपनी सही उम्र के बारे में जानकारी दी थी। नाबालिग ने पुलिस को दिए अपने बयान में 26 लोगों के नाम लिए जिन्होंने कथित तौर पर उसके साथ संंबंध बनाए या फिर ऐप पर बात की। बता दें कि नाबालिक लड़का गे है और गे ऐप के माध्यम से लोगों से मिलता था। इस मुलाकात का बच्चा भुगतान भी करता था। उसने 15,000 से 65,000 रुपए का भुगतान भी किया। बता दें कि ये मामला मई में सामने आया था। 8 जून को इस केस में एफआईआर दर्ज की गई।
जब बेटे के कमरे से निकला अनजान शख्स
नाबालिक की मां को उसके बेटे के साथ हो रही इस घनौनी हरकत के बारे में तब पता चला जब एक 20 वर्षीय अनजान लड़का चुपके से रात करीब तीन बजे उनके बेटे के कमरे से बाहर निकल रहा था। चार्जशीट में दर्ज बच्चे के बयान के मुताबिक, 17 मई की तारीख को रात 3 बजे उसकी मां पानी पीने के लिए उठी। उन्होंने देखा कि कोई शख्स कमरे से बाहर निकल रहा है। जब मां ने उसका नाम पूछा और अपने बेटे से उस आदमी के बारे में जानकारी मांगी तो उसने उसे अपना दोस्त बताया। इस के बाद दो बच्चों की तलाकशुदा महिला को शक हुआ तो उसने अपने बेटे का फोन चेक किया। जिसको देखने के बाद उसके होश उड़ गए। फोन में आपत्तिजनक तस्वीरें और चेट थी। बता दें कि चार्जशीट में मां और बेटे दोनों के बयान शामिल है। नाबालिग लड़के ने ये भी बताया कि जरूरतमंद दोस्तों की मदद के नाम पर वह अपने पिता से पैसा उधार लेता था। डॉलर्स को अपने पापा के क्रेडिट कार्ड से चुकता था। उसके माता-पिता का तलाक हो चुका है। बेटा अपनी मां के साथ रहता है और उसके पिता विदेश में रहते हैं। उसने बताया कि उसकी मां ने पढ़ाई के लिए एक कमरा अलग से दिया हुआ था।
होती थी आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर
पिछले साल वह गे ऐप से जुड़ा। कई लोगों के साथ नग्न अवस्था में आपत्तिजनक तस्वीरों का आदान-प्रदान हुआ। कई लोगों के साथ उसने शारीरिक संबंध बनाए। लड़के का कहना है कि उसने अपने गे होने के बारे में अपनी मां को बता दिया था। जिसके बाद उसकी मां उसे मनोचिकित्सक के पास ले गई। पुलिस में दर्ज लड़के की माता के बयान के अनुसार, काउंसलिंग सेशन के दौरान उनके बेटे ने डॉक्टर को जानकारी दी कि अप्रैल 2017 से उसके एक आदमी के साथ शारीरिक संबंध हैं। जिसके बाद वह पुलिस के पास पहुंचीं। नाबालिग की मां ने आरोप लगाए हैं कि पुरुषों ने ये जानकार कि उनका बेटा नाबालिग है उसका फायदा उठाया। जब उनसे पूछा गया कि आखिर तुम उसे मनोचिकित्सक के पास क्यों ले गईं। उनका कहा था कि जब उसके बेटे ने अपनी भावनाओं ( गे )के बारे में बताया तो वह समझ नहीं पाई कि वह क्या करें इसलिए वह उसे साइकियाट्रिक के पास ले गईं।