प्रशिक्षु महिला डीएसपी ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे महिला ट्रेनी डीएसपी के सामने अशोभनीय और अश्‍लील भाषा का इस्‍तेमाल करते हैं।
नई दिल्ली : पुलिस से लोगों को उम्मीद होती है कि वह उनको सुरक्षा देगी, लेकिन पुलिस महकमे के भीतर ही से अगर शर्मनाक खबरें सामने आए तो क्या कहेंगे। आपके मुंह से स्वत: निकलेगा रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ पुलिस अकादमी से निकल कर सामने आई है। वहां प्रशिक्षण ले रही एक प्रशिक्षु महिला डीएसपी ने अकादमी के अधिकारियों पर कई बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने एडिशनल एसपी पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा है कि वे महिला ट्रेनी डीएसपी के सामने अशोभनीय और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
ये आरोप भी लगाए
एसपी को की गई अपनी शिकायत में उन्होंने कहा है कि एडिशनल एसपी महिला प्रशिक्षुओं के सामने ही अशोभनीय हरकत करते हैं। इतना ही नहीं हम सबके सामने वह बेहद अश्लील भाषा में बातचीत करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने नाइट ड्रेस में ही पुरुष अधिकारियों के सामने हमारी परेड कराई। इसके अलावा रात में कमरे का दरवाजा खुलवाने के लिए अधिकारियों की ओर से ट्रेनर और मेजर को भेजा जाता है।
पुरुष ट्रेनियों ने भी की शिकायत
ऐसा नहीं है कि अकादमी के अफसरों के रवैये से सिर्फ महिला ट्रेनी ही परेशान हैं। वहां ट्रेनिंग ले रहे पुरुष ट्रेनी भी परेशान बताए जाते हैं। इस वजह से महिला अफसरों के साथ-साथ पुरुष अफसरों ने भी एडिशनल एसपी की शिकायत एसपी से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि यह बात सच है कि एएसपी महिला ट्रेनियों के साथ बेहद अशोभनीय व्यवहार करते हैं। कम्प्लेन लेटर में कहा गया है कि अकादमी के पुरुष अधिकारी रात के 10 बजे पुरुष सहकर्मियों के सामने ही महिला ट्रेनियों की परेड नाइट ड्रेस में कराते हैं। यहां महिलाओं के लिए बेहतर माहौल नहीं है। हालत यह है कि उनके बीमार पड़ जाने पर उनका इलाज भी नहीं कराया जाता।
शिकायत करने पर दी सजा
बता दें कि सरगुजा भ्रमण के दौरान वहां की महिला ट्रेनी डीएसपी ने एसपी सदानंद कुमार से मुलाकात कर यह शिकायत की है। इसकी पता जैसे ही पुलिस अकादमी के अधिकारियों को लगी, उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को डेढ़ किलोमीटर दौड़ने की सजा दे डाली। इस मामले में एएसपी ने बताया कि यह विभागीय मामला है। उन्हें किसी तरह के शिकायती पत्र की कोई भी जानकारी नहीं है।