1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान बॉर्डर पर सेना के मूवमेंट की सोलर CCTV कैमरों से रैकी, विदेश भेजते लाइव फुटेज, 2 जासूस गिरफ्तार

Solar CCTV Spy Camera: श्रीगंगानगर में सेना की गतिविधियों पर नजर रखकर कथित जासूसी करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए एक खुफिया सोलर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था, जिसके जरिए लाइव फुटेज पाकिस्तान और कनाडा तक भेजी जा रही थी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

श्री गंगानगर

•

image

Anand Prakash Yadav

•

Updated: 17 Jun 2026, 10:43 AM IST

Rajasthan Border Espionage

राजस्थान बॉर्डर जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश,फोटो एआइ

Solar CCTV Spy Camera: श्रीगंगानगर में सेना की गतिविधियों पर नजर रखकर कथित जासूसी करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए एक खुफिया सोलर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था, जिसके जरिए लाइव फुटेज पाकिस्तान और कनाडा तक भेजी जा रही थी। इस मामले का खुलासा पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त कार्रवाई में हुआ है।

बठिंडा पुलिस ने इस संबंध में अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के गांव सराए निवासी अशोक कुमार और आकाशदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है, जबकि पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है।

विदेश भेज रहे थे लाइव फुटेज

पुलिस के अनुसार बठिंडा-मलोट नेशनल हाईवे पर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग पर सोलर पावर से संचालित कैमरा लगाया गया था। यह कैमरा पिछले करीब तीन माह से सक्रिय था और सेना व सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। जांच में सामने आया कि कैमरे से प्राप्त वीडियो और फुटेज दुश्मन देश पाकिस्तान और कनाडा में बैठे संदिग्ध तत्वों तक पहुंच रही थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर श्रीगंगानगर, बठिंडा, हनुमानगढ़ और कपूरथला सहित अन्य क्षेत्रों में भी रैकी की थी। यह भी संदेह है कि महत्वपूर्ण मार्गों पर इसी प्रकार के अन्य कैमरे लगाए गए हो सकते हैं।

राजस्थान बॉर्डर पर सेना के मूवमेंट पर नजर

पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार कैमरे के जरिए राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर बॉर्डर की ओर आने-जाने वाले सेना के काफिलों तथा सुरक्षा बलों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी। पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितनी संवेदनशील जानकारी साझा की गई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि मार्च माह में बठिंडा-मलोट रोड पर एक बिजली के खंभे पर सोलर पावर खुफिया कैमरा स्थापित किया गया था। यह कैमरा लगातार सक्रिय रहकर इलाके की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग और लाइव प्रसारण कर रहा था। बताया जा रहा है कि 10 जून को बठिंडा पुलिस को इस संदिग्ध कैमरे के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अशोक कुमार ने कैमरा, चिप और सिम कार्ड की व्यवस्था की थी, जबकि आरोपी आकाशदीप सिंह ने मौके पर जाकर कैमरा लगाया था।

एसपी ने पंजाब पुलिस से लिया फीडबैक

श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने पंजाब में खुफिया कैमरे से सेना की मूवमेंट की जासूसी के इस मामले में पंजाब पुलिस अधिकारियों से फीडबैक लिया है। एसपी ने बताया कि श्रीगंगानगर के संबंध में विशेष तौर पर ऐसा अभी साक्ष्य नहीं मिला है। जिस जगह यह कैमरा मिला है, वहां से पंजाब, राजस्थान आदि इलाकों से सैन्य वाहनों की आवाजाही रहती है।

हालांकि इस प्रकरण के बाद श्रीगंगानगर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और सत्यापन करवा रहे है। इधर, पंजाब में मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी बठिंडा के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं है। बठिंडा पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानव खुफिया तंत्र (ह्यूमन इंटेलिजेंस) की मदद से पूरे नेटवर्क को ट्रेस किया है।

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़