
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (पत्रिका फोटो)
Sri Ganganagar Narcotics seized: श्रीगंगानगर में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 4 लाख 68 हजार 256 अवैध नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामदगी मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। पुलिस अब भी इस नेटवर्क के कथित मुख्य सरगना की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस ने राजविंद्र उर्फ राजू उर्फ राजवीर (25) निवासी वार्ड नंबर 18, पदमपुर को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि वह मुख्य आरोपी अश्वनी शर्मा का करीबी सहयोगी और सप्लायर था। जिला पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने बताया कि जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में 'ऑपरेशन सीमा संकल्प' चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत 30 मई को सदर पुलिस ने ई-रिक्शा चालक आरोपी गोपीचंद (29) निवासी चक 3 ई छोटी को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 3 लाख 96 हजार प्रेगाबालिन कैप्सूल, 72 हजार टैपेंटाडोल टैबलेट तथा 256 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गई थीं। कुल मिलाकर 4 लाख 68 हजार 256 नशीली गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए थे। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को नशीली दवाओं की सप्लाई के एवज में 10 हजार रुपए मासिक वेतन के साथ-साथ प्रत्येक डिब्बे पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था। वह नशीली गोलियों को सप्लाई चेन के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा था।
पुलिस का कहना है कि मामले का मुख्य आरोपी अश्वनी शर्मा प्रकरण दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद नशीली दवाओं के इस नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
अनुसंधान के दौरान पुलिस के सामने नशीली दवाओं की सप्लाई से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि इस कारोबार के प्रमुख संचालकों में नरेंद्र कुमार उर्फ नंदू और अश्वनी शर्मा शामिल हैं, जो शहर के विभिन्न इलाकों में नशीली गोलियों और कैप्सूल की सप्लाई कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से अंबाला कैंट में एक फर्म के माध्यम से फार्मा कंपनियों के नाम पर बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं का अवैध कारोबार संचालित किया और श्रीगंगानगर सहित आसपास के क्षेत्रों में इन्हें नेटवर्क के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। प्रकरण में कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने पदमपुर के राजविंद्र उर्फ राजू उर्फ राजवी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि वह मुख्य आरोपी अश्वनी शर्मा का करीबी सहयोगी और सप्लायर था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी अश्वनी शर्मा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में काम कर चुका है। एलोपैथिक दवाओं की गहरी जानकारी होने के कारण उसने अपने अनुभव और संपर्कों का इस्तेमाल नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को खड़ा करने में किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मेडिकेटेड नशे की मांग को देखते हुए इस धंधे को बड़े स्तर पर संचालित किया और एक संगठित सप्लाई नेटवर्क तैयार कर लिया। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही अश्वनी शर्मा भूमिगत हो गया है और लगातार पुलिस को चकमा दे रहा है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस उसके घर, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां कई बार तलाश कर चुकी है, लेकिन अब तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
Updated on:
15 Jun 2026, 10:24 AM IST
Published on:
15 Jun 2026, 10:24 AM IST
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