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श्रीगंगानगर: एक साथ जलीं 4 चिताएं, निजी स्कूलों में रहा अवकाश, हादसे में नवविवाहित पति-पत्नी, मां और चाची की हुई थी मौत

श्रीकरणपुर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के 4 सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया। नवविवाहित दंपती, मां और चाची की एक साथ उठी चार अर्थियों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
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श्री गंगानगर

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Akshita Deora

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Updated: 7 Aug 2026, 11:56 AM IST

accident

अंतिम संस्कार की फोटो: पत्रिका

4 People Died In Rajasthan Road Accident: सड़क हादसे में जान गंवाने वाले शारदा परिवार के चारों सदस्यों को गुरुवार शाम नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। पोस्टमार्टम के बाद चारों शव अपराह्न करीब चार बजे कस्बे पहुंचे तो परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। हर किसी की आंखें नम थीं और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही थीं।

एक साथ जलीं 4 चिताएं

शाम करीब छह बजे श्रीगंगानगर वार्ड 12 स्थित स्वर्ग आश्रम में आईटीआई अनुदेशक संदीप शारदा, उनकी पत्नी श्रुतिका शारदा, मां एवं सेवानिवृत्त शिक्षिका जीवन आशा शारदा तथा चाची एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुषमा भास्कर का अंतिम संस्कार किया गया। चारों की चिताएं एक साथ सजाई गईं और मुखाग्नि दिए जाने के दौरान मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की चिताएं एक साथ जलती देख स्वर्ग आश्रम का माहौल बेहद भावुक हो गया।

शोक स्वरूप निजी स्कूलों में रहा अवकाश

अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में आमजन ने भाग लेकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे कस्बे में शोक का माहौल रहा। शोक स्वरूप निजी विद्यालयों में अवकाश रखा गया, जबकि व्यापार मंडल के आह्वान पर नई धान मंडी में दिनभर कृषि जिंसों की बोली भी नहीं हुई। शहर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर इसी दर्दनाक हादसे की चर्चा रही।

एक दिन पहले हुआ था हादसा

बुधवार अपराह्न बीकानेर जिले के लूणकरणसर के निकट सड़क किनारे खड़े डंपर से कार की टक्कर हो गई थी। हादसे में वार्ड 25 गुरुसर निवासी 33 वर्षीय संदीप शारदा, उनकी 29 वर्षीय पत्नी श्रुतिका शारदा, मां जीवन आशा शारदा तथा 70 वर्षीय चाची सुषमा भास्कर की मौके पर ही मौत हो गई थी। चारों बीकानेर में रिश्तेदारी में आयोजित जन्मदिन समारोह में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया।

हादसे की खबर मिलते ही श्रीकरणपुर सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। गुरुवार को जब चारों के शव कस्बे पहुंचे तो बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए घर और स्वर्ग आश्रम पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम नजर आई। लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल देने की कामना की।