अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में आमजन ने भाग लेकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे कस्बे में शोक का माहौल रहा। शोक स्वरूप निजी विद्यालयों में अवकाश रखा गया, जबकि व्यापार मंडल के आह्वान पर नई धान मंडी में दिनभर कृषि जिंसों की बोली भी नहीं हुई। शहर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर इसी दर्दनाक हादसे की चर्चा रही।