Police रात के समय एसएसपी को अपने ऑफिस में ठंड लगी तो वह उन लोगों के देखने निकल गए जो बस अड्डे और सड़कों के किनारे बैठे थे।
Police ''साहब आप हमेशा खुश रहो, हमारी कौन सुध लेता है! आप तो इतने बड़े अफसर हैं आपको इस ठंड में आने की क्या आवश्यकता थी किसी को भेज दिया होता। भगवान आपका भला करे साहब ''
यह शब्द कड़ाके की ठंड में फुटपाथ, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के पास पड़े लोगों के हैं। इन सभी ने मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार को यह दुआएं दी हैं। दरअसल मुजफ्फरनगर एसएसपी अपने ऑफिस में बैठे थे। उन्होंने पाया कि ऑफिस में बैठे हुए इतनी ठंड लग रही है तो उन लोगों का क्या हाल हो रहा होगा दो खुले आसमान के तले हैं! इस सवाल ने उनके मन में इतनी बैचेनी कर दी कि वो साधारण कपडों में ही रात के समय गाड़ी लेकर निकल पड़े।
रात में अचानक एसएसपी सादी वर्दी में गाड़ी से निकले तो वायरलैस सैट पर मैसेज घूम गया। रात में ही अन्य पुलिसकर्मियों ने भी दौड़ लगा दी। इसके बाद एसएसपी बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां जिन लोगों के पास पर्याप्त कपड़े नहीं थे उन्हे कंबल दिए और जो लोग खुले आसमान के नीचे या रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के बरामदों में सो लेटे हुए थे उन्हे स्वयं अपने हाथों से कंबल ओढ़ाए। इस दौरान एसएसपी ने नगर पालिका के अफसरों से भी कहा कि बस अड्डों और रेलवे स्टेशन के पास अतिरिक्त लकड़ी डलवया करें ताकि रातभर लोग आग के सामने बैठ सकें।
इस दौरान एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को भी निर्देशित किया कि वह भी गश्त के दौरान इस बात का धयान रखें कि कोई व्यक्ति ऐसा ना हो जिस पर पर्याप्त कपड़े ना हों और वह ठंड से परेशान हो रहा हो। एसएसपी ने कहा कि पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लोगों की हेल्प करना है और गरीब असहाय लोगों के प्रति पुलिस को अधिक संवेदनशील होना चाहिए।