
नई दिल्ली। राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव एक फिर मुश्किलों में फंस गए हैं। झारखंड सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत संबंधी याचिका खारिज करने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने भी राजद नेता को बड़ा झटका दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले में लालू और राबडी समेत 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। आपको बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को चारा घोटाला मामले में झारंखड हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की जमानत बढ़ाए जाने संबंधी याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने अब लालू को 30 अगस्त तक सरेंडर करने का आदेश दिया है।
इनके नाम थे शामिल
आपको बता दें कि इससे पहले सीबीआई ने 14 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इनमें राजद अध्यक्ष व पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के अलावा उनकी पत्नी व पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, विजय कोचर, विनय कोचर, पीके गोयल, राकेश सक्सेना, बीके अग्रवाल और लालू के नजदीकी माने जाने वाले प्रेम गुप्ता को शामिल किया था। दरअसल, लालू प्रसाद यादव ने साल 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल के रखरखाव आदि के लिए आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया था। मामले की जांच करने वाली एजेंसी सीबीआई के अनुसार यह टेंडर सारे नियम-कानून को ताक पर रखते हुए विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स केा दिए गए थे।
आपको बता दें कि झारखंड कोर्ट ने पूर्व सीएम लालू यादव की जमानत आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है। इसके साथ ही उनको 30 अगस्त तक सरेंडर करने का भी आदेश दिया है। आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव की ओर से कोर्ट में अपील की गई थी कि उनकी जमानत को तीन माह तक के लिए आगे बढ़ा दिया जाए।