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Alwar Crime: अलवर में 1 करोड़ का ‘दुर्लभ कछुआ’ दिखाकर 10 लाख की ठगी, 4 गिरफ्तार

राजस्थान के अलवर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर बदमाशों ने एक करोड़ रुपए का 'दुर्लभ कछुआ' दिखाकर एक शख्स से 10 लाख रुपए हड़प लिए। वैशाली नगर थाना पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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representative picture (AI)

अलवर में वैशाली नगर थाना पुलिस ने एक करोड़ रुपए कीमत का दुर्लभ कछुआ बताकर करोड़ों रुपए कमाने का झांसा देकर 10 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें मंगलवार तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

थाना प्रभारी गुरुदत्त सैनी ने बताया कि मामले में पुलिस ने आरोपी आसीन उर्फ मूंसा, राहुल सैन, महेन्द्र जोगी निवासी बीजवाड़ नरूका तथा नोवताराम बाबरिया निवासी बैराठ को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की अन्य वारदातों के संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है।

हरे रंग का एक कछुआ दिखाया

परिवादी उन्नस खान निवासी जमालपुर हाल किराएदार अंबेडकर नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया था कि वह उद्योग नगर स्थित एक फैक्ट्री में कार्य करता है। जनवरी में उसके पास आसीन नाम के व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को उसके गांव के युवक का साला बताते हुए एक ऐसा काम बताने की बात कही, जिससे 10 से 20 लाख रुपए कमाए जा सकते थे। अगले दिन सूर्य नगर मोड़ पर आसीन उर्फ मूंसा, राहुल सैन और महेन्द्र जोगी उससे मिले। तीनों ने उसे हरे रंग का एक कछुआ दिखाया और उसकी कीमत एक करोड़ रुपए बताई।

फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी

लालच देकर 10 लाख रुपए में कछुआ बेचने की बात कही। पीड़ित ने उनके कहने पर तीन किश्तों में पांच लाख, तीन लाख और दो लाख रुपए दे दिए। रुपए लेने के बाद आरोपी उसे मोटरसाइकिल से नटनी का बारां ले गए, जहां कछुए को मृत बताकर नोवताराम उर्फ कट्टू बाबरिया को डॉक्टर बनाकर उससे जांच कराई। जब पीड़ित ने मृत कछुआ लेने की बात कही तो वहां पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को बुलाकर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। डर के कारण वह वहां से चला गया। बाद में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।


ऐसे दिया वारदात को अंजाम

आरोपियों ने पहले गांव की पहचान का हवाला देकर पीड़ित का विश्वास जीता। इसके बाद एक हरे रंग का कछुआ दिखाकर उसकी कीमत एक करोड़ रुपए बताई और 10 लाख रुपए में बेचने का झांसा दिया। पूरी रकम लेने के बाद कछुए को मृत बताकर फर्जी डॉक्टर बुलाया गया। जब पीड़ित ने सवाल उठाया तो पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति से फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिलाकर उसे वहां से भगा दिया।

पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मामले

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी नोवताराम बाबरिया के खिलाफ पहले भी बांदीकुई थाने में इसी तरह की ठगी का मामला दर्ज है। वहीं आसीन के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट का तथा राहुल सैन के खिलाफ सड़क दुर्घटना से संबंधित एक प्रकरण दर्ज है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि गिरोह ने इसी तरह की अन्य वारदातें तो नहीं की हैं।