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दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर पलटा केमिकल से भरा कंटेनर, लगा 8 घंटे लंबा जाम

जयपुर दिल्ली नेशनल हाईवे पर बहरोड़ के पास सोमवार को केमिकल से भरा एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद हाईवे पर करीब आठ घंटे तक लंबा जाम लग गया, जिससे आने जाने वाले मुसाफिरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 30 Jun 2026, 1:25 PM IST

jaipur delhi highway

हाईवे पर पलटा कंटेनर (फोटो - पत्रिका)

दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए सोमवार का दिन आफत भरा रहा। बहरोड़ के सोतानाला पुल के पास सुबह करीब 6 बजे केमिकल के ड्रमों से भरा एक बड़ा कंटेनर अचानक बीच सड़क पर पलट गया। यह कंटेनर हरियाणा के कुरुक्षेत्र से केमिकल लेकर गुजरात की तरफ जा रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक, हाईवे पर सामने से आ रहे एक दूसरे वाहन को साइड देने के चक्कर में कंटेनर के ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और देखते ही देखते गाड़ी सड़क पर ही पलट गई।

ड्राइवर सुरक्षित, लेकिन हाईवे हुआ पूरी तरह ब्लॉक

इस हादसे में गनीमत यह रही कि कंटेनर के ड्राइवर मेघराज जाट की जान बच गई। उन्हें सिर्फ मामूली चोटें आईं, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही बहरोड़ थाना पुलिस और हाईवे अथॉरिटी की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

कंटेनर हटाने में छूटे पसीने

कंटेनर में भारी मात्रा में केमिकल के ड्रम लोड थे, जिसकी वजह से उसे क्रेन के जरिए सीधे खड़ा करने और सड़क से हटाने में प्रशासन के पसीने छूट गए। हादसे के सात से आठ घंटे बाद तक भी कंटेनर को पूरी तरह से रास्ते से नहीं हटाया जा सका था। इसका नतीजा यह हुआ कि दिल्ली-जयपुर रूट पर गाड़ियों का पहिया पूरी तरह थम गया और देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।


मजबूरी का फायदा: रेत में फंसी कारें, ट्रैक्टर वालों ने वसूले ₹700

हाईवे पर लगे जाम से बचने के लिए कई कार और छोटे वाहन चालकों ने शॉर्टकट अपनाने की सोची। वे गाड़ियों को हाईवे से नीचे उतारकर आसपास के कच्चे रास्तों से ले जाने लगे। लेकिन यह तरकीब उन पर ही भारी पड़ गई। इलाका रेतीला होने के कारण कई कारें और छोटे वाहन रेत में बुरी तरह धंस गए। इस मुसीबत के समय कुछ स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया।

वहां मौजूद ट्रैक्टर ड्राइवरों ने रेत में फंसी कारों को बाहर खींचने के बदले ₹500 से लेकर ₹700 तक की मनमानी वसूली शुरू कर दी। लोगों के पास पैसे देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। इस घटना के बाद अब स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि नेशनल हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर हादसों के बाद भारी वाहनों को तुरंत हटाने के लिए कोई ठोस और त्वरित व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि आम जनता को ऐसे ट्रैफिक जाम और अवैध वसूली का शिकार न होना पड़े।