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Alwar: लिपिक भर्ती घोटाले में 10 अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगी चार्जशीट, सरकार ने मांगे प्रस्ताव

जिला परिषद की ओर से वर्ष 2022 में की गई लिपिक भर्ती में गड़बड़ी में दोषी 10 अधिकारी-कर्मचारियों को चार्जशीट दी जाएगी। सरकार ने जिला परिषद को पत्र लिखकर चार्जशीट का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
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अलवर

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Umesh Sharma

Jun 30, 2026

jila parishad

जिला परिषद कार्यालय अलवर

जिला परिषद की ओर से वर्ष 2022 में की गई लिपिक भर्ती में हुई गड़बड़ी में अब तक की जांच के आधार पर दोषी पाए गए 10 अधिकारी-कर्मचारियों को चार्जशीट जारी होगी। प्रदेश सरकार ने परिषद को पत्र भेजा है। कहा है कि दोषियों की चार्जशीट के प्रस्ताव भेजे जाएं। इन दोषियों में दो अधिकारी भी शामिल हैं, जो दूसरे जिलों में कार्यरत हैं।
पंचायती राज विभाग के संयुक्त शासन सचिव जसवंत सिंह की ओर से अलवर जिला परिषद के सीईओ को पत्र जारी किया गया है। कहा है कि लिपिक भर्ती मामले में अब तक की जांच के आधार पर दोषी मिले लोगों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने के प्रस्ताव बिना देरी किए भेजे जाएं। सरकार को गोपनीय व महत्वपूर्ण पत्र सीईओ के पास कुछ कार्मिकों ने पहुंचने ही नहीं दिया। उन्हें दूसरी जगह से जानकारी हुई, तो उन्होंने पत्र निकलवाया। हैरत तो ये है कि इस महत्वपूर्ण पत्र को किसने दबाया या मेल से किसने डिलीट करने की कोशिश की। यह भी जांच का विषय है। इस मामले की भी तफ्तीश शुरू हो गई है।

व्यक्तिगत सुनवाई नहीं आई काम

इससे पहले भी इन सभी के आरोप पत्र सरकार ने जिला परिषद से मंगवाए थे, लेकिन जिला परिषद में 8 सितंबर, 2025 को इन अधिकारी-कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुनवाई करते हुए बिना कोई कार्रवाई किए केवल उनके जवाब सरकार को भिजवा दिए गए थे, जिससे सरकार आज तक कोई फैसला नहीं ले पाई। इसके 9 महीने बाद अब सरकार ने फिर से जिला परिषद को चार्जशीट के प्रस्ताव भिजवाने के लिए कहा है।

जिला प्रमुख ने भी किया था इन सभी को दोषमुक्त

इस प्रकरण में तत्कालीन कार्यवाहक सीईओ और तत्कालीन वरिष्ठ विधि अधिकारी के संबंध में सीधे ही जिला प्रमुख ने 19 अगस्त, 2025 को सुनवाई करते हुए उन्हें दोष मुक्त करने का पत्र सरकार को भिजवाया था, लेकिन सरकार ने इस पत्र को भी नहीं माना और वापस 6 अक्टूबर को जिला परिषद को जिला प्रमुख के पत्र पर टिप्पणी सहित भिजवाने के लिए कहा था, जिन अधिकारी-कर्मचारियों के प्रस्ताव मंगवाए गए हैं, वह सरकार की जांच में बर्खास्त लिपिक रूक्मणी नंदन शर्मा, सीमा गुर्जर और कृष्णा शर्मा की नियुक्ति में गड़बड़ी के दोषी पाए गए थे।