
केतन हत्याकांड (Photo: X/@venom1s/IANS)
Siya Goyal: पुणे के लोहगढ़ किले पर रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल (26) की हत्या मामले में जांच के दौरान एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की आरोपी और केतन की होने वाली पत्नी सिया गोयल ने शादी की खरीदारी के नाम पर केतन से 1 करोड़ रुपये लिए थे। लेकिन सिया ने यह पूरी रकम अपने प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी, जिसने इस हत्याकांड में उसकी मदद की। अधिकारीयों ने बताया कि दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके 22 वर्षीय प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की पूरी साजिश पहले से तैयार की थी। दोनों ने न केवल हत्या की योजना बनाई, बल्कि हत्या के बाद अपने भविष्य की भी रणनीति तैयार कर रखी थी, ताकि किसी को उन पर शक न हो। कथित तौर पर दोनों ने तय किया था कि केतन की मौत के कुछ साल बाद वे शादी कर लेंगे। तब तक चेतन आर्थिक तौर पर मजबूत हो जायेगा और सिया को भी अभी शादी नहीं करनी थी।
जांच में सामने आया है कि केतन अग्रवाल ने अपनी मंगेतर सिया गोयल को शादी की खरीदारी के लिए 1 करोड़ रुपये दिए थे। दोनों की इसी साल नवंबर में शादी होनी थी। आरोप है कि सिया ने इस रकम का इस्तेमाल शादी की तैयारियों में नहीं किया, बल्कि पूरा पैसा अपने प्रेमी चेतन चौधरी को सौंप दी। ताकि वह अपने बिजनेस में उस पैसे को लगाकर आर्थिक रूप से मजबूत हो सके।
पुलिस के अनुसार, चेतन आर्थिक रूप से कमजोर था और उसने सिया से कहा था कि उसे बिजनेस में सेटल होने में कम से कम तीन साल लग सकते हैं। इसीलिए सिया ने उसे बिजनेस में निवेश करने के लिए इतनी बड़ी रकम दे दी ताकि दोनों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
इस बीच पुणे जिले की वडगांव मावल स्थित ए.एम. विभुते की अदालत ने सोमवार को सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी।
पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल बाकी है। इनमें लोहगढ़ किले पर अपराध स्थल का सटीक स्थान चिन्हित करना और एक लापता पासपोर्ट की तलाश भी शामिल है।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि आरोपी की गिरफ्तारी अवैध है और उसके समर्थन में पर्याप्त आधार नहीं हैं।
जांच को और मजबूत करने के लिए पुलिस अब आरोपी चेतन चौधरी का 'गेट एनालिसिस' (Gait Analysis) कराएगी। इसके तहत उसकी चाल-ढाल का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा और उसकी तुलना लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज से की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वारदात वाले दिन चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को हुडी से ढक रखा था। ऐसे में उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसके चलने का तरीका, कदमों की लंबाई, शरीर की मुद्रा और हाथ-पैरों की गतिविधियों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके साथ ही घटनास्थल पर उसके मूवमेंट का पुनर्निर्माण कर सीसीटीवी फुटेज से मिलान भी किया जाएगा।
जांच में सामने आया है कि लोहगढ़ किले पर हत्या को अंजाम देने के लिए दोनों ने बेहद सुनियोजित तरीके से योजना बनाई थी। पुलिस के मुताबिक, तय हुआ था कि जब सिया जूते के फीते बांधने या पानी पीने के बहाने नीचे बैठेगी, तभी चेतन केतन को गहरी खाई में धक्का देगा।
इस योजना के पीछे यह भी मकसद था कि धक्का दिए जाने के दौरान केतन सिया को पकड़कर अपने साथ नीचे न खींच सके। पुलिस का मानना है कि इसी पूर्व नियोजित संकेत के आधार पर 18 जून 2026 को वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल को गहरी खाई में धक्का देकर मारने के आरोप में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं और मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
Updated on:
30 Jun 2026 09:03 am
Published on:
30 Jun 2026 08:45 am
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