इस घटना के मास्टरमाइंड्स में से एक नीशू को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
नई दिल्ली। रेवाड़ी गैंगरेप मामले में स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) को एक बड़ी सफलता मिली है। जांच टीम ने देर रात महेंद्रगढ़ के सतनाली से पंकज और मनीष नाम के दोनों दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में गैंगरेप के मास्टरमाइंड नीशू को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के बाद सबसे पहले दो आरोपियों दीनदयाल और डॉक्टर संजीव को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किया गया आरोपी दीनदयाल उस ट्यूबवेल का मालिक है जहां इस घटना को अंजाम दिया गया। जबकि डॉक्टर संजीव पीड़िता को प्राथमिक उपचार देने पहुंचा था।
सेना का जवान हैपंकज
रेवाड़ी गैंगरेप का मुख्य आरोपी पंकज भारतीय सेना का जवान है। पंकज की शादी छह महीने पहले हुई थी। वह कोटा में पोस्टेड था और छुट्टियों में घर आया था। पंकज ने दो साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था।
एसपी का तबादला
इस मामले में पुलिस की लापरवाही को देखते हुए रेवाड़ी के महिला पुलिस स्टेशन की एसआई हरिमणि को डीजीपी बीस संधू ने सस्पेंड कर दिया था। हरिमणि पर आरोप है कि जब पीड़िता शिकायत करने थाने पहुंची तब उसने केस दर्ज करने से मना कर दिया था। दूसरी तरफ खट्टर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए रेवाड़ी के एसपी का स्थानांतरण कर दिया था। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने अपनी सुरक्षा में तैनात राहुल शर्मा को रेवाड़ी एसपी की जिम्मेदारी सौंपी थी।
पुलिस ने बरती लापरवाही
राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा गठित कमेटी द्वारा जांच के बाद तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक रेवाड़ी पुलिस ने मामले में ढीला रवैया अपनाया। पुलिस की लापरवाही की वजह से आरोपियों को पुलिस की पहुंच से दूर भागने में मदद मिली थी।
कोचिंग जाते समय किया अपहरण
आपको बता दें कि 12 सितंबर को तीनों आरोपियों ने छात्रा का उस समय अपहरण कर लिया जब वो कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद लड़की को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपी, पीड़ित लड़की को महेंद्रगढ़ के एक बस स्टैंड पर अचेत स्थिति में छोड़ गए थे। इस मामले में 16 सितंबर को पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों में से एक नीशू को गिरफ्तार कर लिया था।