दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में टाइकर के शरीर के हिस्सों की काफी मांग है। कहीं-कहीं इसका इस्‍तेमाल दवाईयों के निर्माण में भी होता है।
नई दिल्ली। साल 2018 के जाते जाते भी असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में रॉयल बंगाल टाइगर पर जानलेवा हमला रुका नहीं है। सभी सुरक्षा प्रबंध के बावजूद काजीरंगा नेशनल पार्क में एक रॉयल बंगाल टाइगर की हत्या का मामला सामने आया है। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर का इस बारे में कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपियों को टाइगर की हत्या के आरोप में कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्हें पूछताछ के लिए विभाग को रिमांड पर दे दिया गया।
खाल की तस्करी के लिए हत्या
रीजनल फारेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) रोहिणी सैकिया ने मीडिया को बताया है कि आरोपी काजीरंगा के काहरा रेंज में टाइगर (बाघ) की हत्या करने के बाद उसका खाल और हड्डियां निकाल रहे थे। उसी समय सुरक्षाकर्मियों की नजर उनपर पड़ी। वन सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सैकिया ने कहा कि बाघ की हत्या कार्बी अंगलोंग जिले के कोरजुटपहाड़ इलाके में की गई। हमें लगता है कि हत्या करीब 25 दिनों पहले की गई और आरोपित इसके अंगों को तस्करी के जरिए बाहर भेजना चाहते थे।
एशियाई देशों में खाल की मांग
आपको बता दें कि जानवरों के शरीर के हिस्सों की दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में काफी मांग है। कुछ जगहों पर इनसे पारंपरिक दवाएं बनाई जाती हैं। असम के वन मंत्री परिमल शुक्लबैद्य ने वन विभाग के कार्रवाई की प्रशंसा की है।