
दुनिया भर में अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए कैब सर्विस प्रोवाइडर कंपनी 'ऊबर' ने नियमों का खुल्लेआम उल्लंघन किया। इसके साथ ही कई कानूनों की खामियों का फायदा भी उठाया। दरअसल इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) के साथ दुनिया भर के 30 मीडिया संस्थानों ने मिलकर ऊबर को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिसमें ऊबर के ऊपर 1 लाख 24 हजार से ज्यादा दस्तावेजों के आधार पर कई तरह के आरोप लगाते हुए खुलासे किए गए हैं।
इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने जांच के बाद खुलासा करते हुए ऊबर पर कानूनों का उल्लंघन करने, नियमों को दरकिनार करने और मार्केट में अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए गलत कदम उठाने का आरोप लगाया है। ICIJ ने जिन 1 लाख 24 हजार से ज्यादा दस्तावेजों को अपने खुलासे का आधार बताया है वह 2013 से 2017 के बीच के हैं। इसमें खुलासे में भारत के साथ ही कई देशों में कारोबार को लेकर ऊबर के राज खुले हैं। इसके साथ ही ऊबर ने मेल के जरिए भारत में अव्यवस्था को गले लगाने के लिए कहा था, जिसके बाद नई दिल्ली में कैब ड्राइवर ने महिला यात्री के साथ यौन उत्पीड़न किया था।
मेल के बाद यौन उत्पीड़न
इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) के खुलासे के अनुसार 23 अगस्त 2014 में ऊबर के तत्कालीन एशिया प्रमुख एलन पेन की टीम की ओर से एक मेल भेजा गया था, जिसमें कहा गया अव्यवस्था को गले लगाओ। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मेल के कुछ महीनों बाद 5 दिसंबर 2014 को नई दिल्ली में ऊबर कैब ड्राइवर ने महिला यात्री के साथ यौन उत्पीड़न किया।
'किल स्विच' का इस्तेमाल
ICIJ की जांच में पता चला है कि ऊबर छापे जैसे गंभीर कार्रवाई से बचने के लिए 'किल स्विच' का यूज किया, जिसमें छापेमारी जैसी गंभीर कार्रवाई की स्थिति में सिस्टम को बंद करने के लिए ब्लॉकिंग सॉफ्टवेयर 'किल स्विच' का इस्तेमाल किया। 2014 से 2016 के बीच ऊबर ने 13 बार 'किल स्विच' का इस्तेमाल किया।
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