केंद्रीयमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के रायपुर दौरे से बड़ा बवाल हो गया। उन्हें काले झंडे दिखाने निकले कांग्रेसियों का भाजपाइयों से विवाद हुआ। इस बीच पूर्वमंत्री राजेश मूणत ने पुलिस के सामने अपशब्द कह दिया। इसके बाद मामला और तूल पकड़ लिया। एक कार्यकर्ता को पुलिस थाने ले जा रही थी।
रायपुर.
केंद्रीयमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के रायपुर दौरे से बड़ा बवाल हो गया। उन्हें काले झंडे दिखाने निकले कांग्रेसियों का भाजपाइयों से विवाद हुआ। इस बीच पूर्वमंत्री राजेश मूणत ने पुलिस के सामने अपशब्द कह दिया। इसके बाद मामला और तूल पकड़ लिया। एक कार्यकर्ता को पुलिस थाने ले जा रही थी। विरोध में पूर्वमंत्री मूणत भी थाने चले गए। थाने में पुलिस वाले और पूर्वमंत्री के बीच मारपीट हो गई। इसके खिलाफ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायत की। दूसरी ओर मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नाराज भाजपा नेताओं ने विधानसभा थाने का घेराव कर दिया। और देर रात तक धरने पर बैठे रहे।
शनिवार को सुबह करीब 11 बजे केंद्रीयमंत्री सिंधिया के साथ एयरपोर्ट से शहर आ रहे भाजपा कार्यकर्ताओं का फुंडहर के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ता मंत्री को काले झंडा दिखा रहे थे। वहां पुलिस के बीचबचाव के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद पूर्वमंत्री राजेश मूणत व अन्य कार्यकर्ता फाफाडीह स्थित एक होटल पहुंचे। वहां मंत्री के कार्यक्रम था। इस बीच चार युवक काले कपड़े पहने बाहर नजर आए। उनसे भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पूर्वमंत्री मूणत ने भी कुछ अपशब्द कहे। बाद में मूणत ने माफी भी मांग ली। और कार्यकर्ताओं का विवाद शांत कराने लगे। इस दौरान सीएसपी अविनाश ठाकुर ने भाजपा कार्यकर्ता शुभांकर द्विवेदी को जबरदस्ती पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया और थाने ले जाने लगे। यह देखकर पूर्वमंत्री मूणत भी उनके साथ जबरदस्ती गाड़ी में बैठ गए।
पुलिस दोनों को आउटर के विधानसभा थाने लेकर पहुंची। कुछ देर बाद साइबर सेल प्रभारी गिरीश तिवार और उनके स्टॉफ भी पहुंच गए। थाने में पूर्वमंत्री मूणत व शुभांकर और टीआई तिवारी व उनके स्टॉफ के साथ बहस शुरू हो गई। कुछ देर बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। पूर्वमंत्री मूणत ने एक वीडियो संदेश देने की कोशिश की, तो उनका मोबाइल छिन लिया गया। बाद में भाजपा कार्यकर्ता विधानसभा थाने पहुंचे। और जमकर हंगामा किया।
पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, नंदकुमार साय, धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले आदि थाने पहुंच गए। फिर थाने के पोर्च में ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत
पूर्वमंत्री मूणत ने साइबर सेल प्रभारी तिवारी व उनके स्टॉफ के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट करने की लिखित शिकायत की है, तो दूसरी ओर पुलिस वालों ने भी उनके खिलाफ शिकायत की। पुलिस ने एक अन्य मामले में गंज थाने में शुभांकर और एक अन्य के खिलाफ दो युवकों को पीटने का मामला दर्ज किया है।
सस्पेंड करने की मांग
भाजपा नेताओं ने विधानसभा थाने के बाहर धरना देना शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि मारपीट करने वाले टीआई व उनके स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड किया जाए। धरना देर रात तक चलता रहा। उल्लेखनीय है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पहले टीआई तिवारी विधानसभा थाने से बाहर चले गए थे।
राहुल को भी दिखाए थे
दो दिन पहले राहुल गांधी का रायपुर दौरा था, उस समय भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए थे। इसके बाद भाजपा नेता सिंधिया के दौरे पर कांग्रेसियों ने उन्हें काल झंडा दिखाने का निर्णय लिया था। इसी के तहत शनिवार को सिंधिया के हर कार्यक्रम का विरोध करने की तैयारी थी।