दमोह से जबलपुर तक ३५ से अधिक गांव के लोग परेशान, कुछ की रजिस्ट्री अटकी
दमोह. दमोह से जबलपुर तक स्वीकृत फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य अभी एक साल तक शुरू होने की स्थिति में नहीं है, लेकिन साल भर पहले से सड़क किनारे की जमीन की विक्रय, बटांकन आदि पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के बाद ग्रामीण और शहर के लोग भी परेशान है। जबकि अनेक मामले रजिस्ट्री के पेंडिंग भी हो गए हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी जबेरा क्षेत्र में सामने आ रही है, क्योंकि यहां पहले टाइगर रिजर्व के माध्यम से जमीन के विक्रय, खरीद पर रोक लगा रखी थी। जैसे ही इस मामले में बीते साल राहत सामने आई थी, तो एनएचएआई का आदेश सामने आ गया था, जिससे क्षेत्रीय लोगों की परेशानी बढ़ गई।
-एचएचएआई के लिखा था पत्र
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रशासन को एक पत्र भेजा था, जिसमें बताया है कि दमोह-जबलपुर आउटर, रिंगरोड, फोरलेन चौड़ीकरण उन्नयन कार्य के तहत भारत के राजपत्र में प्रकाशन हो चुका है। इसके बाद इस मार्ग के संबंधित गांव की भूमि व संरचनाओं की खरीदी, बिक्री, बटांकन व डायवर्सन में रोक लगाया जाना जरूरी है। इसीलिए, भेजे गए गांवों की लिस्ट के अनुसार प्रभावित गांवों की भूमियों व संरचनाओं की खरीद, विक्री, बटांकन व डायवर्सन में रोक लगाने के निर्देश सभी रजिस्ट्रार को जारी करने लिखा है। इस पत्र के बाद से यहां रोक लग थी।
लग चुका है टेंडर, काम कब शुरू होगा तय नहीं
दरअसल, फोरलेन की स्वीकृति के बाद इस रोड का डीपीआर तैयार होने के साथ-साथ टेंडर प्रक्रिया तक पूरी हो चुकी है। रोड में आ रही जमीनों का अर्जन से लेकर मुआवजा की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति भी हो चुकी है। हालांकि, रोड का काम कब शुरू होगा, यह अभी तय नहीं है। ऐसे में २०२७ के पहले रोड बन पाएगा, इस पर भी संशय है। ऐसे में यहां के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
इन गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी
एनएचएआई ने जमीन की खरीद, विक्रय की रोक के लिए चिन्हित किया है, उनमें दमोह के दमोह ग्रामीण, लाडऩबाग, मारा सूखी, हथनी, लखनपुर रिट, कंजपुरा, अभाना, झिन्ना, दमयंतीपुरम के पिपरिया दिगंबर, कुलुवा, ग्वारी, कोटातला शामिल है। जबके जबेरा तहसील के दुुनाव, नोहटा, नोहटी, पिपरिया नंदलाल, देवरी, मझगुवा कीरत, हरदुआ सड़क, जलहरी, मगरई, कलेहरा खेड़ा, पिपरिया जुगराज, तनवरी, कांति, मुंदेरी, बिछिया, पड़रिया थोबन, पटी सिंगोरगढ़, बम्होरी सिंगोरगढ़, हरदुआ खुर्द, जोगी खेड़ा, देवतरा, बंदरकोला, गोरखा, तनवरा, भोजपुरा, तिलगुवां, सिंग्रामपुर, मंझगुवां, बुधगुपरा, गुबरा कलां, मझोली, जमुनिया, ग्वारी, भड़ेरी कुलुवा शामिल है। इसके अलावा हरद्वानी और रामपुरा गांव भी शामिल है।
इस तरह की परेशानी
-जबेरा क्षेत्र में पहले से रजिस्ट्री का काम रुका, यहां डेढ़ से ज्यादा केस पेंडिंग।
रजिस्ट्री नहीं होने से क्षेत्र में जमीन की खरीद विक्रय का काम प्रभावित।
जरूरत के समय रुपए नहीं मिलने से लोग परेशान
५ हजार से अधिक लोग प्रभावित
वर्शन
दमोह और जबलपुर जिले सड़क किनारे पडऩे वाले कुछ खसरा नंबर की लिस्ट उनके पास आई है। इन गांवों के अंतर्गत उक्त भूमियों का क्रय, विक्रय, बटांकन, व डायवर्सन की प्रक्रिया पर रोक है। अन्य पर रोक नहीं है।
मोनिका नवरंग, जिला पंजीयक दमोह