दमोह

गौ रक्षा के लिए उठाएं सख्त कदम वरना होगा रेल रोको आंदोलन

कार्यकर्ताओं का कहना है कि योजनाओं में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है
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Updated: 11 Apr 2018, 12:37 PM IST
Cow protection take Hard Steps Otherwise, the Rail Roko movement
Cow protection take Hard Steps Otherwise, the Rail Roko movement

दमोह. जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के द्वारा एक माह पूर्व गौ सेवा रक्षा समिति सदस्यों को गौसेवा हितार्थ दिए गए आश्वासन में एक भी आश्वासन पूरा नहीं होने पर आक्रोशित समिति सदस्य मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। विशाल हिंदू गौ सेवा रक्षा समिति द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधान मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया हैं। ज्ञापन में कलेक्टर के द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद भी कोई कार्रवाई अब तक नहीं किए जाने की बात का उल्लेख किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से समिति कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौंवश हितार्थ योजनाओं में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है व जिले में हो रही गौ हत्या पर कलेक्टर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।


समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र अवस्थी ने बताया कि जिले में 9 फरवरी को समस्त हिंदू संगठनों द्वारा दमोह बंद की घोषणा की गई थी, यह बंद गौहत्या के विरोध में व अन्य गौवंश हितार्थ 15 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जाना था, जिसका समर्थन शहर के समस्त व्यापारियों व नगर कि जनता ने किया था। इस बंद के भय से जिला प्रसाशन ने बंद के एक दिन पहले ८ फरवरी को शाम 4 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक बुलाई जिसमें एसपी, कलेक्टर, तहसीलदार, एसडीएम सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सहित समस्त हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने संपूर्ण मांगों का लिखित आश्वासन देकर दमोह बंद स्थगित करने की अपील की थी, जिस पर समिति के पदाधिकारियों द्वारा शांति व सभ्यता का परिचय देते हुए दमोह बंद स्थगित कर दिया था, लेकिन आज दिनांक तक कोई भी मांग पूरी नहीं हुई न ही गौशाला की भूमि आवंटित हुई है। वहीं जिले की गौचर भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया है। पशु चिकित्सालय में कोई सुधार नहीं किया गया है, अवैध गौवंश परिवहन अब भी जारी है, वहीं गौहत्या के मामले भी निरंतर सामने आ रहे हैं। समिति सदस्यों ने बताया कि आगामी 25 दिन में इन सारी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो दमोह जिले में रेल रोको आंदोलन होगा, जिससे जो भी हानि या क्षति भारत सरकार की सम्पत्ति की होगी उसकी संपूर्ण जबावदारी शासन प्रशासन की होगी।


ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से शिवा रैकवार, स्वयं सिंह राजपूत, राममिलन कुर्मी, देवेंद्र पटैल, जित्तू पटैल, मानक राय, नारायण दुबे, राकेश यादव, सौरभ, गौरी पांडे, अक्षय दीक्षित, देवकी सूर्यवंशी, श्रीराम दुबे, किशन चक्रवर्ती, अभि साहू, मुन्ना रैकवार, विक्रम और बड़ी संख्या में समिति के लोगों की उपस्थिति रही।
फोटो- ५१०- कलेक्ट्रेट पहुंचे गौरक्षा सेवा समिति के सदस्य

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