दमोह फिल्टर प्लांट, पाइपलाइन और जल सैंपलिंग की होगी नियमित जांच
दमोह. इंदौर जल त्रासदी के बाद से लगातार जिले और शहर में भी अलर्ट है। पत्रिका द्वारा खबरों के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन भी अब अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर ने फिल्टर प्लांट, पाइपलाइन और पानी की सैंपलिंग की नियमित जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया हाल ही में एक जिले से दूषित पेयजल सेवन के कारण नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ है। इस गंभीर घटना के मद्देनजऱ शासन द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैंए जिनके अनुरूप जिले में सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
कलेक्टर ने बताया सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां फिल्टर प्लांट संचालित हैं, वहां नियमित रूप से पानी की सैंपलिंग की जाए और प्लांटों का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा पेयजल आपूर्ति की सभी पाइपलाइनों की भी जांच की जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त न हो।
उन्होंने निर्देशित किया कि यदि कोई पाइपलाइन नालियों या गंदे जल के संपर्क वाले क्षेत्रों से होकर गुजरती है, तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पुख्ता हो और वहां लगातार सैंपलिंग एवं चेकिंग की जाए तथा इसकी सतत मॉनिटरिंग स्वयं मेरे द्वारा की जाएगी। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे एवं पीओ डूडा को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम नागरिकों से आग्रह किया कि यदि किसी भी क्षेत्र या कॉलोनी में दूषित पेयजल की शिकायत सामने आती है, तो तत्काल दमोह हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि प्रशासन द्वारा तुरंत कार्रवाई कर समस्या का निराकरण किया जा सके।