
Modern cow shelters to be built in seven districts (फोटो- Patrika.com)
MP News: मध्य प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और हाईटेक प्रयोग होने जा रहा है। 29 जिलों में सैकड़ों एकड़ भूमि पर बनने वाली मेगा गोशालाओं का निर्माण अब विदेशी एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। यह पहला मौका है जब आस्ट्रेलिया और दुबई की निर्माण एजेंसियां गोवंश संवर्धन के कार्य में सीधे कर ने साधे भारदारी कर रहा है। सरकार ने पहले चरण में 29 जिलों किया है जिनमें से 7 जिलों में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सबसे बड़ी गोशाला दमोह जिले की पथरिया विधानसभा क्षेत्र के नरसिंहगढ़ में प्रस्तावित है, जहां 520 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा।
अब गोशालाएं केवल संरक्षण केंद्र नहीं होंगी, बल्कि उत्पादन इकाई बनेंगी। जानकारी के अनुसार तैयार होने वालीं गोशालाओं से निकले गोबर और अपशिष्ट पदार्थ से सीएनजी गैस बनाई जाएगी। इसके अलावा गोशालाओं में सोलर पैनल से बिजली उत्पादन होगा साथ ही जैविक खाद निर्माण किया जाएगा। इससे गोशालाएं राजस्व भी अर्जित करेंगी।
पहली बार गोशालाओं के संचालन की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों, उद्योगपतियों को दी जा रही है। बताया गया है कि गोशालाओं के लिए जमीन शासन देगा। लेकिन, यहां रखे जाने वाले गोवंशों के भोजन के लिए चारा. भूसा व इलाज और देखभाल का पूरा खर्च एजेंसी उठाएगी। यानी गोवंश की संपूर्ण जिम्मेदारी संचालन एजेंसी की होगी।
निर्माण की आधुनिकता में विदेशी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। गोशालाओं का डिजाइन इस तरह तैयार होगा कि गोवंश की बेहतर देखरेख हो। स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन वैज्ञानिक ढंग से हो, जिससे उत्पादन आधारित मॉडल विकसित किया जा सके।
यह पहला अवसर है जब आस्ट्रेलिया और दुबई की एजेंसियां गोसंवर्धन के कार्य में आगे आई हैं। सात जिलों के टेंडर हो चुके हैं। सबसे बड़ा एरिया पथरिया विधानसभा क्षेत्र का है। बाकी 22 गोशालाओं के निर्माण के लिए भी भूमि ट्रांसफर संबंधी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। देश में गोवंश संरक्षण को वैश्विक तकनीक से जोड़ने वाला एतिहासिक कार्य किया जा रहा है।-लखन पटैल, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, पशुपालन एवं डेयरी विभाग (MP News)
Published on:
02 Mar 2026 02:07 pm
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