Stray Dogs Terror: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई सुस्त, आम लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रहे आवारा कुत्ते।
Dog Attack: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक डॉग बाइट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच करीब 1944 लोग कुत्तों के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। औसतन हर महीने 500 से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कुत्ते के काटने वाले प्रत्येक मरीज को एंटी रैबीज के चार इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण और रैबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सके। रोजाना 20 से 25 लोग जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने मानव जीवन के लिए खतरा बन चुके आक्रामक और पागल कुत्तों को लेकर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने राज्यों और स्थानीय निकायों से कहा है कि ऐसे कुत्तों के मामले में कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और गंभीर खतरा बनने वाले संक्रमित या पागल कुत्तों को जहरीला इंजेक्शन देकर नियंत्रित करने जैसे उपायों पर अमल किया जाए। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर अभी तक कोई बड़ा अभियान शुरू नहीं हुआ है।
शहर में आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका द्वारा नसबंदी योजना शुरू की गई थी और इसके लिए एजेंसी भी नियुक्त की गई थी। हालांकि जमीन पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा। शहर के विभिन्न इलाकों में झुंड बनाकर घूम रहे कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं, लेकिन नियंत्रण अभियान प्रभावी नहीं हो पाया है।
शनिवार को शहर के सिंधी कैंप क्षेत्र में एक बुजुर्ग पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। पीड़ित देवी सिंह ठाकुर बाइक से दूध लेने जा रहे थे, तभी कुत्ते ने उनके पैर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ित ने बताया कि काटने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक खून बहता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यही कुत्ता आसपास गायों पर भी हमला करता है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में डर का माहौल है।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार बीते चार महीनों में 1944 डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं।
वर्जन
गर्मियों के दौरान कुत्तों के आक्रामक व्यवहार में वृद्धि देखी जा रही है। वहीं नगर पालिका और संबंधित विभाग लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रभावी कार्रवाई करे।
डॉ राजेश अठया, सीएमएचओ